Senior Citizen Savings Scheme क्या है (SCSS Kya Hai)? 8.2% ब्याज का पूरा हिसाब

पापा की retirement वाली फ़ाइल संभालते वक़्त सबसे बड़ा सवाल ये नहीं था कि पैसा कितना आया। सवाल ये था कि gratuity और commuted pension की जो एकमुश्त रकम आई है, उसे रखें कहाँ। बैंक वाले ने FD की सलाह दी, एक रिश्तेदार ने insurance वाला "pension plan" बताया, और post office के काउंटर पर बैठे भाईसाहब ने एक लाइन में कह दिया — "60 पार हैं तो पहले SCSS भरिए, बाक़ी बाद में।"
वो सलाह सही थी। और उससे भी ज़्यादा काम की बात मुझे पाँच साल बाद पता चली, जब वो खाता 2026 में मैच्योर हुआ — जिस दर पर खाता आगे बढ़ता है, वो आपकी पुरानी दर नहीं होती। यही वो हिस्सा है जो ज़्यादातर लेखों में छूट जाता है, और इसी पर इस पूरे article का सबसे ज़रूरी section है। पहले बुनियाद, फिर वो बात।
Pakka Points
- SCSS interest rate 2026: 8.2% saalana — July-September 2026 timahi ke liye 30 June 2026 ko unchanged rakhi gayi
- Khata kholte din ki dar poore 5 saal ke liye lock ho jaati hai — baad me dar ghate to farq nahi padta
- Ek vyakti adhiktam ₹30 lakh — Budget 2023 me ₹15 lakh se badhakar ₹30 lakh ki gayi
- Byaj har teen mahine — 1 April, 1 July, 1 October aur 1 January ke pehle kaam-kaji din
- 60 saal ki umra zaroori nahi hamesha: VRS par 55 se, defence me 50 se, aur seva ke dauran divangat sarkari karmi ki patni 50 se
- 7 November 2023 se khata 3-3 saal ke blocks me jitni baar chahe badhaya ja sakta hai — pehle sirf ek baar milta tha
- Byaj poora taxable hai — 80C sirf jama par milta hai, aur vo bhi sirf old regime me
SCSS kya hai — एक लाइन में
Senior Citizen Savings Scheme भारत सरकार की एक small savings योजना है, जिसमें 60 साल या उससे ऊपर का व्यक्ति एकमुश्त रकम पाँच साल के लिए जमा करता है और उसे हर तीन महीने में ब्याज मिलता रहता है। पैसा post office में भी जमा हो सकता है और ज़्यादातर बड़े बैंकों में भी — योजना एक ही है, सिर्फ़ counter अलग है। मूलधन पर सरकार की गारंटी है, इसलिए इसे बाज़ार से जुड़ी किसी योजना की तरह नहीं देखा जाता।
बुनियादी बात याद रखने लायक ये है कि SCSS में ब्याज खाते में जुड़ता नहीं है, बाहर आता है। यानी compounding नहीं होती — हर तिमाही का ब्याज आपके savings account में चला जाता है। जो लोग उस पैसे से घर चलाते हैं उनके लिए यही सबसे बड़ी ख़ूबी है, और जो लोग पैसा बढ़ाना चाहते हैं उनके लिए यही सीमा।
SCSS interest rate 2026 — और वो दर जो आपके लिए तय होती है
जुलाई-सितंबर 2026 तिमाही के लिए दर 8.2% सालाना है। वित्त मंत्रालय का आर्थिक कार्य विभाग हर तिमाही small savings की दरें अधिसूचित करता है, और 30 जून 2026 की अधिसूचना में सारी दरें पहले जैसी ही रखी गईं — यह लगातार नौवीं तिमाही है जब कुछ नहीं बदला।
| योजना | दर (जुलाई-सितंबर 2026) | किसके लिए |
|---|---|---|
| Senior Citizen Savings Scheme | 8.2% | 60+ (कुछ मामलों में 55 और 50) |
| Sukanya Samriddhi Yojana | 8.2% | बेटी के नाम |
| National Savings Certificate | 7.7% | सभी |
| Kisan Vikas Patra | 7.5% (115 महीने में दोगुना) | सभी |
| Post Office Monthly Income Scheme | 7.4% | सभी |
| Public Provident Fund | 7.1% | सभी |
स्रोत: आर्थिक कार्य विभाग की 30 जून 2026 की अधिसूचना, वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के लिए। दरें हर तिमाही की शुरुआत में दोबारा देखी जाती हैं।
अब वो बात जो सबसे ज़्यादा काम की है। SCSS की दर तिमाही बदलती ज़रूर है, पर आपके चालू खाते पर नहीं। जिस दिन खाता खुला, उस दिन की दर आपके पूरे पाँच साल के लिए तय हो गई। इसका मतलब दोनों तरफ़ है — सरकार दर घटा दे तो आपको फ़र्क़ नहीं पड़ेगा, और बढ़ा दे तो भी आपको पुरानी ही मिलती रहेगी। पापा का खाता 2021 में खुला था, तब दर 7.4% थी; बीच में दर 8.2% हो गई, पर उनके खाते में पाँच साल 7.4% ही चलता रहा।
कौन खोल सकता है — सिर्फ़ 60 वाली शर्त नहीं है
घबराइए मत, नियम जितने सुनने में उलझे लगते हैं उतने हैं नहीं। चार श्रेणियाँ हैं, और आपको सिर्फ़ अपनी वाली देखनी है।
| कौन | न्यूनतम उम्र | शर्त |
|---|---|---|
| आम नागरिक | 60 साल | कोई अतिरिक्त शर्त नहीं |
| VRS या superannuation से रिटायर | 55 साल | retirement benefits मिलने के 3 महीने के अंदर खाता खोलना ज़रूरी |
| रक्षा सेवाओं से सेवानिवृत्त | 50 साल | retirement benefits मिलने के 3 महीने के अंदर, तय शर्तों के साथ |
| सेवा के दौरान दिवंगत सरकारी कर्मचारी की पत्नी या पति | 50 साल | कर्मचारी की उम्र 50 पार हो और मृत्यु सेवा के दौरान हुई हो |
NRI और HUF इस योजना में खाता नहीं खोल सकते। आख़िरी दो श्रेणियाँ 7 नवंबर 2023 की अधिसूचना से जुड़ीं या बदलीं — उसी अधिसूचना ने 55-60 वालों की समय-सीमा 1 महीने से बढ़ाकर 3 महीने की।
उस तीन महीने वाली बात पर एक सेकंड रुकिए, क्योंकि कई पुराने पेज अब भी "एक महीने" लिखे हुए हैं। 7 नवंबर 2023 की अधिसूचना से यह खिड़की तीन महीने की है। और "retirement benefits" में सिर्फ़ gratuity नहीं आती — provident fund का बकाया, gratuity, commuted pension की रकम, leave encashment, group savings linked insurance का बचत हिस्सा, EPS का retirement-cum-withdrawal लाभ और VRS का ex-gratia, सब इसमें गिने जाते हैं।
कितना जमा कर सकते हैं और हर तिमाही कितना आएगा
कम से कम ₹1,000, और उसके बाद ₹1,000 के गुणकों में। ऊपरी सीमा ₹30 लाख प्रति व्यक्ति है — बजट 2023 से पहले यह ₹15 लाख थी। सीमा व्यक्ति पर है, खाते पर नहीं, इसलिए दो खाते खोलकर सीमा दोगुनी नहीं होती।
पहले लिख लीजिए — 8.2% पर आपकी तिमाही रकम कितनी बनेगी:
| जमा रकम | सालाना ब्याज | हर तिमाही | 5 साल में कुल ब्याज |
|---|---|---|---|
| ₹1,00,000 | ₹8,200 | ₹2,050 | ₹41,000 |
| ₹5,00,000 | ₹41,000 | ₹10,250 | ₹2,05,000 |
| ₹10,00,000 | ₹82,000 | ₹20,500 | ₹4,10,000 |
| ₹15,00,000 | ₹1,23,000 | ₹30,750 | ₹6,15,000 |
| ₹30,00,000 | ₹2,46,000 | ₹61,500 | ₹12,30,000 |
गणना 8.2% साधारण ब्याज पर, क्योंकि SCSS में ब्याज खाते में दोबारा नहीं जुड़ता। ये रकमें tax कटने से पहले की हैं — नीचे tax वाला section ज़रूर पढ़िए।
ब्याज कब आता है, ये भी तय है — 1 अप्रैल, 1 जुलाई, 1 अक्टूबर और 1 जनवरी के पहले कामकाजी दिन। बीच में खाता खुला हो तो पहली किस्त उस तिमाही के बचे दिनों के हिसाब से आती है, इसलिए पहली बार रकम कम दिखे तो चौंकिए मत। और अगर ब्याज savings खाते में नहीं पहुँच रहा तो अक्सर वजह बैंक विलय के बाद बदला हुआ IFSC होता है — उसकी पूरी सूची merged bank IFSC codes वाले पेज पर है।
पाँच साल बाद क्या — extension का वो नियम जो कम लोग बताते हैं
खाता पाँच साल में मैच्योर होता है। उसके बाद तीन विकल्प हैं: पूरा पैसा निकाल लीजिए, या खाता तीन साल के लिए आगे बढ़ा दीजिए, या कुछ न कीजिए (तब भी खाता बंद नहीं होता, पर उस पर post office savings account की दर से ब्याज मिलता है, जो काफ़ी कम है)।
7 नवंबर 2023 से एक बड़ा बदलाव हुआ है, और यही वो जगह है जहाँ बहुत सारे पेज अब भी पुरानी बात लिखे बैठे हैं। पहले खाता सिर्फ़ एक बार तीन साल के लिए बढ़ाया जा सकता था। अब जितनी बार चाहे, तीन-तीन साल के blocks में बढ़ाया जा सकता है — बस हर बार आवेदन मैच्योरिटी या पिछले block के ख़त्म होने के एक साल के अंदर देना होगा।
और अब वो बात जिसका ज़िक्र मैंने शुरुआत में किया था। बढ़ाए गए खाते पर आपकी पुरानी लॉक हुई दर नहीं चलती — उस पर मैच्योरिटी वाले दिन योजना की जो दर होगी, वही लागू होगी। पापा का खाता 7.4% पर चल रहा था और 2026 में मैच्योर हुआ, जब दर 8.2% थी; extension पर उन्हें अब 8.2% मिल रहा है। यानी यह नियम इस बार फ़ायदे में गया। पर उल्टा भी उतना ही सच है: अगर आपका खाता 8.2% पर चल रहा है और मैच्योरिटी के दिन दर घटकर 7.5% हो चुकी है, तो extension उसी 7.5% पर होगा। इसीलिए मैच्योरिटी के वक़्त एक बार दर देख लेना ज़रूरी है, आँख मूँदकर आगे बढ़ा देना नहीं।
बीच में पैसा निकालना पड़ जाए तो
निकाला जा सकता है, पर जुर्माना लगता है — और एक बारीक़ी जो अक्सर ग़लत लिखी जाती है: जुर्माना जमा रकम पर लगता है, मिले हुए ब्याज पर नहीं।
| कब बंद कर रहे हैं | कटौती | ₹30 लाख पर कितना |
|---|---|---|
| 1 साल पूरा होने से पहले | ब्याज मिलेगा ही नहीं; जो ब्याज दिया जा चुका है वो मूलधन से वसूला जाएगा | दिया गया पूरा ब्याज वापस |
| 1 से 2 साल के बीच | जमा रकम का 1.5% | ₹45,000 |
| 2 से 5 साल के बीच | जमा रकम का 1% | ₹30,000 |
| Extension के बाद, पहले 1 साल के अंदर | जमा रकम का 1% | ₹30,000 |
| Extension के 1 साल पूरा होने के बाद | कोई कटौती नहीं | शून्य |
खाताधारक की मृत्यु होने पर कोई जुर्माना नहीं लगता — पैसा nominee या क़ानूनी वारिस को मिलता है। Joint खाते में पति या पत्नी दूसरे खाताधारक हों तो खाता मैच्योरिटी तक चलता रह सकता है।
आख़िरी पंक्ति पर ध्यान दीजिए, क्योंकि यह planning बदल देती है — extension वाले block में एक साल पूरा कर लेने के बाद पैसा बिना किसी कटौती के निकाला जा सकता है। यानी तीन साल के block में फँसे रहने की मजबूरी सिर्फ़ पहले साल तक है।
Tax का असली हिसाब — यहीं सबसे ज़्यादा भ्रम है
SCSS को अक्सर "tax saving scheme" कहकर बेचा जाता है। आधी बात सही है, आधी नहीं। तीन अलग चीज़ें हैं और तीनों को अलग-अलग समझना पड़ेगा।
पहली — जमा पर छूट। SCSS में डाली गई रकम पर ₹1.5 लाख तक की कटौती मिलती है, पर सिर्फ़ old regime में। 1 अप्रैल 2026 से Income Tax Act, 2025 लागू है, इसलिए जिसे आप 80C के नाम से जानते हैं वो अब Section 123 है। New regime में यह कटौती मिलती ही नहीं — और new regime अब default है। पूरी तुलना new vs old regime guide में है, और 80C की पूरी सूची 80C deduction वाले पेज पर।
दूसरी — ब्याज पर tax। SCSS का ब्याज पूरा taxable है, आपके slab के हिसाब से। इसमें कोई छूट नहीं है। बुज़ुर्गों को धारा 80TTB के तहत बैंक और post office के ब्याज पर ₹50,000 तक की जो कटौती मिलती है, वो भी सिर्फ़ old regime में मिलती है।
तीसरी — TDS। 1 अप्रैल 2025 से बुज़ुर्गों के लिए धारा 194A की सीमा ₹50,000 से बढ़ाकर ₹1,00,000 कर दी गई है। साल भर का ब्याज इससे ऊपर गया तो PAN होने पर 10% TDS कटेगा। पर TDS कटना और tax बनना एक बात नहीं है — अगर आपकी कुल आय पर tax शून्य बनता है, तो वित्त वर्ष की शुरुआत में Form 15H जमा कर दीजिए और TDS कटेगा ही नहीं। बजट 2026 के बाद Form 15G और 15H depositories के ज़रिए ऑनलाइन भी जमा किए जा सकते हैं, हर जगह अलग-अलग काग़ज़ देने की ज़रूरत नहीं।
अब एक असली उदाहरण, ताकि तीनों बातें एक साथ दिखें।
| स्थिति | New regime (default) | Old regime |
|---|---|---|
| ₹30 लाख SCSS का सालाना ब्याज | ₹2,46,000 | ₹2,46,000 |
| जमा पर छूट (Section 123 / 80C) | नहीं मिलती | ₹1.5 लाख तक |
| 80TTB की ब्याज-छूट | नहीं मिलती | ₹50,000 |
| मूल छूट सीमा (60-79 साल) | ₹4,00,000 | ₹3,00,000 |
| अगर SCSS का ब्याज ही अकेली आय है | ₹2.46 लाख, ₹4 लाख से कम — tax शून्य | ₹2.46 लाख में से ₹50,000 घटाकर ₹1.96 लाख, ₹3 लाख से कम — tax शून्य |
| TDS फिर भी कटेगा? | हाँ, ₹1 लाख की सीमा पार है — Form 15H दीजिए | हाँ, वही बात — Form 15H दीजिए |
यह गणना सिर्फ़ SCSS ब्याज को अकेली आय मानकर की गई है। Pension, किराया या दूसरी FD का ब्याज जुड़ते ही तस्वीर बदल जाएगी — अपना असली आँकड़ा Income Tax Calculator पर देख लीजिए।
इस table की सबसे काम की पंक्ति आख़िरी वाली है। बहुत सारे बुज़ुर्गों पर tax बनता ही नहीं, फिर भी हर तिमाही TDS कटता रहता है और साल के अंत में refund के लिए ITR भरना पड़ता है। एक Form 15H उस पूरी मेहनत को बचा देता है। अगर TDS कट ही चुका है तो वापस कैसे लेना है, वो TDS refund वाले guide में लिखा है, और अपना हिसाब Income Tax Calculator पर लगाया जा सकता है।
SCSS, senior citizen FD और Monthly Income Scheme — किसमें क्या
"Retirement के बाद पैसा कहाँ रखें" का जवाब एक योजना नहीं होती, तीनों का काम अलग है। अगस्त 2026 के आँकड़ों पर तुलना देखिए।
| SCSS | Senior citizen FD (बैंक) | Post Office MIS | |
|---|---|---|---|
| दर | 8.2% | लगभग 7.00-7.10% (5 साल) | 7.4% |
| उम्र की शर्त | 60+ (कुछ मामलों में 55/50) | आम तौर पर 60+ | कोई नहीं |
| अधिकतम रकम | ₹30 लाख | कोई सीमा नहीं | अकेले ₹9 लाख, joint ₹15 लाख |
| ब्याज कब | हर तिमाही | मासिक/तिमाही/मैच्योरिटी पर — आपकी पसंद | हर महीने |
| अवधि | 5 साल, फिर 3-3 साल | 7 दिन से 10 साल तक | 5 साल |
| जमा पर 80C छूट | मिलती है (old regime) | सिर्फ़ 5-साल tax saver FD पर | नहीं मिलती |
बैंक FD की दरें अगस्त 2026 की हैं — SBI की 5-साल senior citizen FD लगभग 7.05% और HDFC Bank लगभग 7.00%। ये दरें बैंक कभी भी बदल सकते हैं, इसलिए खाता खोलने से पहले अपनी शाखा से पुष्टि कर लीजिए।
व्यवहार में ज़्यादातर परिवार यही क्रम अपनाते हैं — पहले SCSS की ₹30 लाख वाली सीमा भरिए (क्योंकि दर सबसे ऊँची है और सरकारी गारंटी है), उसके बाद अगर हर महीने नक़दी चाहिए तो MIS, और उसके बाद बचा पैसा बैंक FD में जहाँ कोई छत नहीं। साथ में एक बात जो पैसे से नहीं जुड़ी पर उतनी ही ज़रूरी है — इस उम्र में माँ-पिता के लिए health insurance का इंतज़ाम, क्योंकि एक अस्पताल का बिल पूरे SCSS के ब्याज से बड़ा हो सकता है।
खाता खोलने में क्या-क्या लगता है
खाता किसी भी post office में या SBI, PNB, Bank of Baroda, Canara Bank जैसे अधिकृत बैंकों की शाखा में खुलता है। काम काउंटर पर होता है, इसलिए एक बार जाना पड़ेगा।
- Form A भरिए — यही SCSS का खाता खोलने का फ़ॉर्म है, काउंटर पर मिल जाता है।
- उम्र का प्रमाण दीजिए — Aadhaar, PAN, passport, जन्म प्रमाणपत्र या वरिष्ठ नागरिक कार्ड में से कोई एक।
- KYC पूरा कीजिए — Aadhaar और PAN दोनों ज़रूरी हैं, साथ में दो पासपोर्ट साइज़ फ़ोटो।
- 55-60 या 50 वाली श्रेणी में हैं तो नियोक्ता का retirement प्रमाणपत्र और retirement benefits मिलने की तारीख़ का सबूत लगेगा — तीन महीने वाली खिड़की यहीं जाँची जाती है।
- Nomination form उसी दिन भरिए, बाद में के लिए मत छोड़िए। पापा की pension फ़ाइल में सबसे देर से यही चीज़ निपटी थी।
- रकम जमा कीजिए — ₹1 लाख से ऊपर की रकम चेक या ट्रांसफ़र से ही जमा होगी, नक़द नहीं।
एक आख़िरी बात जो अनुभव से आती है: ब्याज जिस savings खाते में आना है, उसकी पासबुक साथ ले जाइए और खाता संख्या फ़ॉर्म पर ख़ुद पढ़कर मिलाइए। एक अंक की ग़लती का मतलब है तीन महीने बाद पता चलना कि पैसा कहीं और चला गया।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
SCSS interest rate 2026 me kitna hai?
जुलाई-सितंबर 2026 तिमाही के लिए SCSS की दर 8.2% सालाना है। वित्त मंत्रालय के आर्थिक कार्य विभाग ने 30 जून 2026 को यह दर अपरिवर्तित रखी — यह लगातार नौवीं तिमाही है जब small savings की दरें नहीं बदलीं। एक ज़रूरी बात जो कम लोग बताते हैं: जिस दिन आप खाता खोलते हैं, उस दिन की दर आपके पूरे 5 साल के लिए तय हो जाती है। बाद की तिमाहियों में सरकार दर घटा भी दे, तो आपके चालू खाते पर असर नहीं पड़ेगा।
SCSS me maximum kitna paisa jama kar sakte hain?
एक व्यक्ति ज़्यादा से ₹30 लाख जमा कर सकता है। यह सीमा बजट 2023 में ₹15 लाख से बढ़ाकर ₹30 लाख की गई थी। कम से कम ₹1,000 और उसके बाद ₹1,000 के गुणकों में जमा होता है। सीमा हर व्यक्ति की अलग गिनी जाती है, खाते की नहीं — इसलिए एक ही व्यक्ति के दो खाते मिलकर भी ₹30 लाख से ऊपर नहीं जा सकते।
Pati aur patni dono milkar SCSS me kitna jama kar sakte hain?
दोनों अलग-अलग ₹30 लाख, यानी कुल ₹60 लाख — बशर्ते दोनों अलग-अलग पात्र हों और पैसा दोनों का अपना हो। Joint खाते में पूरी रकम पहले खाताधारक के नाम गिनी जाती है, इसलिए ₹60 लाख करने का तरीका दो अलग खाते हैं, एक joint खाता नहीं। 8.2% पर ₹60 लाख का मतलब है सालाना ₹4,92,000 ब्याज, यानी हर तिमाही ₹1,23,000 — पर इतनी रकम पर tax का हिसाब भी ज़रूर देख लीजिए, वो नीचे table में है।
SCSS ka paisa 5 saal se pehle nikal sakte hain kya?
हाँ, निकाल सकते हैं, पर जुर्माना लगता है और वो जमा रकम पर लगता है, ब्याज पर नहीं। एक साल से पहले बंद किया तो ब्याज मिलेगा ही नहीं और जो ब्याज पहले मिल चुका है वो मूलधन से वापस काट लिया जाएगा। 1 से 2 साल के बीच जमा रकम का 1.5% कटता है, और 2 से 5 साल के बीच 1% कटता है। ₹30 लाख पर 1.5% का मतलब ₹45,000 है — इसलिए SCSS में उतना ही पैसा डालिए जितना पाँच साल छूना न पड़े।
SCSS aur senior citizen FD me kaunsa behtar hai?
अगस्त 2026 में SBI की 5-साल की senior citizen FD पर लगभग 7.05% और HDFC Bank पर लगभग 7.00% मिल रहा है, जबकि SCSS 8.2% दे रहा है — यानी करीब सवा प्रतिशत ज़्यादा, और पैसा भारत सरकार के पास है। ₹15 लाख पर यह अंतर हर साल लगभग ₹17,000 का बैठता है। FD का एक फ़ायदा ज़रूर है: उसमें कोई उम्र-सीमा या ₹30 लाख की छत नहीं, और अवधि आप चुन सकते हैं। इसलिए ज़्यादातर बुज़ुर्गों के लिए क्रम यही रहता है — पहले SCSS की पूरी सीमा भरिए, उसके बाद बचा पैसा FD या दूसरी जगह।
SCSS par TDS katta hai kya aur Form 15H kab bharna chahiye?
1 अप्रैल 2025 से बुज़ुर्गों के लिए धारा 194A की TDS सीमा ₹50,000 से बढ़ाकर ₹1,00,000 सालाना कर दी गई है। यानी एक वित्त वर्ष में ब्याज ₹1 लाख से ऊपर गया तो PAN होने पर 10% TDS कटेगा। ध्यान रखिए, TDS कटना और tax बनना दो अलग बातें हैं — अगर आपकी कुल आय पर tax शून्य बनता है तो साल की शुरुआत में Form 15H जमा कर दीजिए, TDS कटेगा ही नहीं। बजट 2026 के बाद Form 15G और 15H अब ऑनलाइन, depositories के ज़रिए भी जमा किए जा सकते हैं।
Post office ki sabse achhi scheme kaun si hai — SCSS ya Monthly Income Scheme?
60 पार के व्यक्ति के लिए ब्याज के हिसाब से SCSS आगे है — 8.2% बनाम MIS का 7.4%। पर दोनों का काम अलग है। MIS हर महीने पैसा देता है और उसमें उम्र की कोई शर्त नहीं, सीमा अकेले खाते में ₹9 लाख और joint में ₹15 लाख है। SCSS सिर्फ़ बुज़ुर्गों के लिए है, ₹30 लाख तक लेता है, पर पैसा हर तीन महीने में आता है, हर महीने नहीं। जिनका घर-ख़र्च महीने के हिसाब से चलता है वो अक्सर दोनों रखते हैं — SCSS बड़ी रकम के लिए, MIS मासिक नक़दी के लिए।
Pakke Sources — हमने कहाँ से verify किया
- वित्त मंत्रालय, आर्थिक कार्य विभाग — small savings दरें — 30 June 2026 ki adhisoochna — Q2 FY 2026-27 (1 July-30 September 2026) ke liye SCSS 8.2%, दरें unchanged
- India Post — Post Office Savings Schemes (SCSS) — Patrata, ₹1,000-₹30 lakh ki seema, timahi byaj, premature closure ki kataut aur extension ke niyam
- Senior Citizens' Savings (Fourth Amendment) Scheme, 2023 — 7 November 2023 — 3 mahine ki khidki, seva ke dauran divangat sarkari karmi ki patni/pati ki patrata, aur 3-3 saal ke unlimited extension
- Income Tax Department — Section 194A aur 80TTB — 1 April 2025 se seniors ke liye TDS seema ₹50,000 se ₹1,00,000; 80TTB ki ₹50,000 chhut sirf old regime me
- Income Tax Act, 2025 — 1 April 2026 se lagu — Purana 80C ab Section 123; 87A ab Section 156