80C Deduction क्या है? ₹1.5 लाख बचाने की पूरी List (2026)

हर साल जनवरी-फ़रवरी में यही सवाल सुनने को मिलता है — "80C पूरा भर दिया क्या?" पर मज़े की बात ये है कि बहुत लोग "भरना" तो जानते हैं, पर ये नहीं जानते कि इस एक ₹1.5 लाख की limit में असल में कितनी चीज़ें आती हैं — कुछ लोग सिर्फ़ LIC premium भरकर सोच लेते हैं काम हो गया, जबकि EPF से ही उनका आधा हिस्सा पहले से भरा हुआ होता है। आज पूरी list, पूरा हिसाब, एक जगह समझते हैं।
Section 80C Income Tax Act का वो हिस्सा है जो आपको कुछ चुनिंदा बचत और खर्च पर, हर साल अधिकतम ₹1.5 लाख तक अपनी taxable income से घटाने देता है। ये deduction सिर्फ़ old tax regime चुनने वालों को मिलती है — new regime में 80C का कोई रास्ता नहीं है, वहाँ सिर्फ़ standard deduction चलता है।
Pakka Points
- 80C = ₹1.5 लाख तक की combined deduction, सिर्फ़ old tax regime में
- PPF, EPF, ELSS, life insurance premium, NSC, home loan principal — सब एक ही ₹1.5 लाख के पूल में
- NPS का ₹50,000 वाला 80CCD(1B) हिस्सा इस limit से बाहर, अलग से मिलता है
- 1 अप्रैल 2026 से 80C का नाम बदलकर Section 123 हो गया है (Schedule XV) — नियम वही, सिर्फ़ नंबर नया
- Life insurance policy 2012 के बाद ली हो तो deduction sum assured के सिर्फ़ 10% तक सीमित है
₹1.5 लाख की combined limit — पूरी list
सबसे पहले साफ़ कर लें — नीचे दी गई हर चीज़ की अपनी अलग ₹1.5 लाख की limit नहीं है। सबको मिलाकर, कुल ₹1.5 लाख ही deduction मिलती है (Section 80CCE के तहत 80C + 80CCC + 80CCD(1) एक साथ):
| Instrument | क्या ख़ास बात |
|---|---|
| EPF (Employee Provident Fund) | Salary से अपने आप कटता है, ज़्यादातर नौकरी वालों का यहीं आधा 80C भर जाता है |
| PPF (Public Provident Fund) | 15 साल lock-in, tax-free return — पूरा detail हमारी PPF guide में |
| ELSS (Equity Linked Savings Scheme) | सिर्फ़ 3 साल lock-in, market-linked, सबसे कम lock-in वाला 80C option |
| Life insurance premium | पॉलिसी 2012 के बाद ली हो तो sum assured के 10% तक ही deduction |
| Sukanya Samriddhi Yojana | बेटी के नाम पर, 8.2% के आसपास ब्याज़ — पूरा detail SSY guide में |
| NSC (National Savings Certificate) | 5 साल lock-in, post office से मिलता है |
| 5-साल का Tax-Saver FD | बैंक में मिलता है, पर interest पूरा taxable होता है (मूलधन ही 80C में) |
| Home loan principal repayment | सिर्फ़ मूलधन वाला हिस्सा, interest अलग से Section 24(b) में |
| Stamp duty aur registration charges | सिर्फ़ घर ख़रीदने वाले साल में claim हो सकता है |
| Tuition fees | अधिकतम 2 बच्चों की full-time education fees तक |
| SCSS (Senior Citizens Savings Scheme) | 60+ उम्र वालों के लिए, quarterly interest payout |
ये सब मिलाकर ज़्यादा से ज़्यादा ₹1.5 लाख — ₹60,000 PPF में डालें, ₹50,000 ELSS में, ₹40,000 insurance premium में, तो कुल claim ₹1.5 लाख ही होगी, इससे ऊपर कुछ नहीं।
NPS — 80C भरने के बाद भी एक extra रास्ता
NPS (National Pension System) का अपना contribution दो हिस्सों में बँटता है। पहला हिस्सा ऊपर वाली ₹1.5 लाख की combined limit के अंदर आता है (Section 80CCD(1)) — मतलब अगर आपका 80C पहले से भरा है, तो इसका कोई फ़ायदा नहीं। पर Section 80CCD(1B) के तहत NPS में डाला हुआ अतिरिक्त ₹50,000 बिल्कुल अलग से claim होता है — इस पर 80C की limit का कोई असर नहीं। मतलब जिनका 80C पूरा भर चुका है, वो NPS से ₹50,000 का एक extra deduction और ले सकते हैं। पूरी जानकारी हमारी NPS वाली guide में है।
पहले लिख लीजिए — कौनसा instrument कब चुनें
सबसे ज़्यादा पूछा जाने वाला सवाल यही है — किसमें पैसा डालें? हर instrument का काम अलग है, इसलिए एक साथ रखकर देख लीजिए:
| ज़रूरत | सही instrument |
|---|---|
| सबसे safe, guaranteed return चाहिए | PPF या EPF |
| सबसे कम lock-in चाहिए (सिर्फ़ 3 साल) | ELSS |
| परिवार को life cover भी चाहिए | Term insurance premium (सिर्फ़ pure term, ULIP नहीं) |
| बेटी के लिए बचत | Sukanya Samriddhi Yojana |
| Home loan चल रहा है | उसका principal हिस्सा अपने आप count होता है |
| 80C भर चुके, और बचाना है | NPS का extra ₹50,000 (80CCD(1B)) |
एक ग़लती जो बहुत लोग करते हैं
पापा की retirement file में मैंने ख़ुद ये देखा था — उन्होंने साल भर सोचा कि उनका 80C अधूरा है, इसलिए आख़िरी महीने में जल्दी-जल्दी एक और life insurance policy ले ली। बाद में हिसाब लगाया तो पता चला — EPF का सालाना contribution ही ₹1.4 लाख के आसपास पहुँच चुका था, नई policy की ज़रूरत ही नहीं थी। यही सबसे common ग़लती है — साल भर पहले से अपना EPF + मौजूदा investments का हिसाब न रखना, और मार्च में जल्दबाज़ी में कुछ भी ख़रीद लेना।
घबराइए मत — हर financial year की शुरुआत में एक बार अपना EPF statement (payslip में दिखता है) देख लीजिए, वहीं से पता चल जाएगा कि बाक़ी कितनी जगह भरनी है।
1 अप्रैल 2026 से नाम बदला — Section 123
नया Income Tax Act 2025, पुराने 1961 वाले Act की जगह 1 अप्रैल 2026 से लागू हो चुका है — पूरे Act को नए सिरे से, आसान भाषा में फिर से लिखा गया है, और इसी क्रम में Section 80C अब Section 123 कहलाता है, पूरी eligible list Schedule XV में दी गई है। घबराने की बात नहीं — ₹1.5 लाख की limit, सारे instruments, सब वही हैं जो पहले थे। सिर्फ़ documents में अब "Section 80C" की जगह "Section 123" लिखा मिलेगा।
80C भर लेने के बाद भी regime confusion हो तो new vs old regime वाली guide एक बार ज़रूर देख लीजिए — कई बार पूरा 80C भरने के बावजूद new regime ही ज़्यादा फ़ायदेमंद निकलता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
80C ki maximum limit kitni hai?
₹1.5 लाख प्रति वित्तीय वर्ष — और ये limit एक व्यक्ति के लिए है, हर instrument के लिए अलग-अलग नहीं। मतलब PPF, ELSS, insurance premium — सबको मिलाकर अधिकतम ₹1.5 लाख की ही deduction मिलती है, ज़्यादा invest करने पर भी टैक्स में कोई फ़ायदा नहीं।
80C new tax regime me milta hai kya?
नहीं। 80C (और उससे जुड़ी ज़्यादातर deductions) सिर्फ़ old tax regime में मिलती हैं। New regime में सिर्फ़ standard deduction (₹75,000, salaried के लिए) और कुछ गिनी-चुनी चीज़ें ही मिलती हैं — 80C बिल्कुल नहीं। कौनसा regime चुनें, ये पूरा हिसाब हमारी new vs old regime वाली guide में है।
NPS ka ₹50,000 wala extra deduction 80C me hi aata hai kya?
नहीं, वो अलग है। NPS में अपने PAN से किया गया contribution दो हिस्सों में claim होता है — पहला हिस्सा 80C की ₹1.5 लाख की combined limit के अंदर (Section 80CCD(1)), और Section 80CCD(1B) के तहत एक अतिरिक्त ₹50,000 इस limit से बाहर, अलग से। यही NPS को 80C भरने के बाद भी tax बचाने का एक extra रास्ता बनाता है।
80C, 80CCC aur 80CCD me kya fark hai?
तीनों की मिलाकर एक ही ₹1.5 लाख की limit होती है (Section 80CCE के तहत) — 80C में savings/insurance instruments (PPF, ELSS, life insurance वगैरह), 80CCC में pension fund contribution, और 80CCD(1) में NPS का personal contribution आता है। तीनों अलग sections हैं, पर deduction का पूल एक ही है — इसलिए तीनों को मिलाकर भी ₹1.5 लाख से ज़्यादा deduction नहीं मिलती (80CCD(1B) के अतिरिक्त ₹50,000 को छोड़कर)।
1 April 2026 se 80C ka naam Section 123 kyu ho gaya?
नए Income Tax Act 2025 ने पुराने Income Tax Act 1961 की जगह ली है, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू है — इसमें सभी sections नए सिरे से numbered हैं ताकि Act ज़्यादा simple और पढ़ने में आसान हो। पुराना Section 80C अब Section 123 बन गया है, deductions की पूरी list Schedule XV में है। ₹1.5 लाख की limit और सारे eligible instruments बिल्कुल वही हैं — सिर्फ़ नाम-नंबर बदला है, नियम नहीं।
Life insurance premium par poora amount 80C me milta hai kya?
हमेशा नहीं। अगर policy 1 अप्रैल 2012 के बाद ली गई है, तो deduction सिर्फ़ sum assured के 10% तक ही मिलती है — उससे ज़्यादा premium भरा हो तो बाक़ी हिस्सा 80C में claim नहीं होता। ये शर्त बहुत लोग नहीं जानते, और policy ख़रीदते वक़्त ही check कर लेना सही रहता है।
Pakke Sources — हमने कहाँ से verify किया
- Income Tax Department — Section 80C provisions
- ClearTax — Section 123 of Income Tax Act 2025 (renumbering guide) — 80C → Section 123, Schedule XV, effective 1 April 2026
- IndiaFilings — Section 80C moves to Section 123 in Income Tax Bill 2025