Phishing क्या है (Phishing Kya Hai)? Fake SMS और Email Link से कैसे बचें

रात 8:47 पर मैसेज आया। "प्रिय उपभोक्ता, आपका बिजली बिल अपडेट नहीं हुआ है। आज रात 9:30 बजे कनेक्शन काट दिया जाएगा। तुरंत संपर्क करें।" नीचे एक लिंक, और एक मोबाइल नंबर।
रमेश जी, 58 साल, रिटायर्ड स्कूल टीचर। बिल उन्होंने पिछले हफ़्ते ही भरा था। पर मैसेज में 43 मिनट की deadline लिखी थी, और घर में बुज़ुर्ग माँ थीं — गर्मी की रात, बिजली जाने का डर। उन्होंने लिंक खोला। पेज बिल्कुल बिजली विभाग जैसा था। ₹10 का "verification payment" माँगा गया। कार्ड डिटेल डाली, OTP डाला। ₹10 कटे नहीं। ₹48,000 कट गए।
घबराहट होना बिल्कुल सामान्य है। पर एक बात अभी दिमाग़ में बैठा लीजिए, पूरे आर्टिकल का निचोड़ यही है:
कोई भी असली संस्था — बैंक, बिजली विभाग, income tax, कूरियर कंपनी — आपको SMS में लिंक भेजकर वहाँ card detail, PIN या OTP डालने को नहीं कहती। कभी नहीं। जो ऐसा कह रहा है, वो असली नहीं है।
Pakka Points
- लिंक कभी मत खोलिए — काम असली है तो बैंक या विभाग की app ख़ुद खोलकर देखिए
- Deadline, धमकी और जल्दबाज़ी — यही तीन phishing की पक्की पहचान हैं
- URL में पहले slash से पहले वाला हिस्सा पढ़िए; भारत के बैंक अब .bank.in domain पर हैं
- WhatsApp या SMS से आई कोई भी APK file install मत कीजिए, वो OTP चुरा लेती है
- पैसा नहीं गया तो Chakshu पर रिपोर्ट, पैसा चला गया तो तुरंत 1930
Phishing क्या है — और smishing, vishing में क्या फ़र्क़ है
Phishing का मतलब है नक़ली पहचान से असली जानकारी निकलवाना। नाम अंग्रेज़ी के fishing से आया है — चारा डालो, कोई न कोई फँसेगा। ठग एक ऐसा संदेश बनाते हैं जो किसी भरोसेमंद संस्था का लगे, उसमें डर या लालच डालते हैं, और एक लिंक देते हैं। लिंक जिस पेज पर ले जाता है वो असली पेज की हूबहू नक़ल होता है — वही रंग, वही logo, वही फ़ॉन्ट।
असली फ़र्क़ सिर्फ़ रास्ते का है। मक़सद हर जगह एक ही है:
| नाम | रास्ता | आम शक्ल |
|---|---|---|
| Phishing | बैंक, income tax या कंपनी HR के नाम से मेल, नीचे verify करने का बटन | |
| Smishing | SMS | बिजली बिल, KYC, कूरियर, refund — छोटा मैसेज, deadline और एक link |
| Vishing | फ़ोन कॉल | बैंक से बोलने का दावा, OTP या screen-share app की माँग |
| Quishing | QR code | स्कैन करते ही पेमेंट पेज या नक़ली login पेज खुल जाता है |
चारों में जानकारी आप ख़ुद देते हैं — कोई hacking नहीं होती। यही इनकी सबसे बड़ी ताक़त है, और यही सबसे बड़ी कमज़ोरी भी।
QR वाला हिस्सा हमने अलग से QR code scam में खोला है, और फ़ोन-कॉल वाला सबसे ख़तरनाक रूप digital arrest scam में। यहाँ हम SMS, email और WhatsApp लिंक पर रहेंगे।
2026 में सबसे ज़्यादा चलने वाले phishing मैसेज
ये लिस्ट किसी theory से नहीं बनी। यही वो मैसेज हैं जो इस वक़्त सबसे ज़्यादा भारतीय फ़ोन पर आ रहे हैं। एक बार पढ़ लीजिए, अगली बार पहचान जाएँगे।
| मैसेज का बहाना | असली मक़सद | पहचान |
|---|---|---|
| बिजली कनेक्शन आज रात कट जाएगा | Card detail और OTP | असली बिजली विभाग रात में deadline नहीं देता, न निजी नंबर से SMS भेजता है |
| आपका KYC expire हो गया, खाता block होगा | Net-banking login चोरी | बैंक KYC कभी link भेजकर नहीं करवाता — ब्रांच या app में होता है |
| कूरियर रुका है, ₹25 delivery charge भरिए | Card detail | छोटी रक़म ही जाल है — कार्ड सेव होते ही बड़ी रक़म कटती है |
| Income tax refund मंज़ूर, यहाँ claim कीजिए | PAN और bank detail | Refund अपने आप खाते में आता है, कोई claim link नहीं होता |
| खाता suspend हो रहा है, ये app install कीजिए | SMS और OTP पर पूरा क़ब्ज़ा | कोई भी बैंक chat से app file नहीं भेजता |
| आपके नाम पर पार्सल या सिम मिला है, verify करें | Aadhaar और OTP | असली verification किसी link पर नहीं होता |
| आपको ₹5,000 का reward मिला, claim कीजिए | UPI collect request | पैसा लेने के लिए PIN कभी नहीं लगता |
| Credit card points expire हो रहे हैं | Card number और CVV | Points की जानकारी बैंक की अपनी app में दिखती है |
ग़ौर कीजिए, आठों में एक बात common है: वक़्त की कमी। आज रात, अगले दो घंटे, आख़िरी मौक़ा। ठग को आपको सोचने का वक़्त नहीं देना है, क्योंकि सोचते ही जाल टूट जाता है। जहाँ deadline दिखे, वहाँ रुक जाइए। यही एक आदत आधे से ज़्यादा phishing रोक देती है।
Link असली है या नक़ली — 30 सेकंड का domain टेस्ट
URL पढ़ना आना चाहिए, बस इतना ही। नियम एक है: पहले slash से पहले वाले हिस्से को देखिए, और उसमें आख़िरी दो टुकड़े ही असली domain हैं। बाक़ी सब ठग की सजावट है।
| Link | असली domain कौनसा है | नतीजा |
|---|---|---|
| sbi.secure-verify.in/login | secure-verify.in | नक़ली — SBI सिर्फ़ नाम में लिखा है |
| hdfcbank.com.payment-in.xyz | payment-in.xyz | नक़ली — असली नाम बीच में छिपाया गया है |
| netbanking.hdfc.bank.in | hdfc.bank.in | असली — RBI का verified बैंक domain |
| छोटा किया हुआ link, जैसे bit.ly वाला | पता ही नहीं चलता | बैंक कभी short link नहीं भेजता — खोलिए मत |
| incometax.gov.in.refund-claim.net | refund-claim.net | नक़ली — सरकारी साइट हमेशा .gov.in पर ख़त्म होती है |
मोबाइल पर पूरा URL अक्सर दिखता नहीं। इसलिए मैसेज में link दिखे तो उसे खोलकर जाँचने की कोशिश ही मत कीजिए — यही सबसे सुरक्षित रास्ता है।
एक बदलाव जो 2026 में आपके बहुत काम आएगा और ज़्यादातर पुराने आर्टिकल में नहीं मिलेगा: RBI के 22 अप्रैल 2025 के निर्देश पर भारत के सभी commercial, cooperative और district बैंकों को अपनी website .bank.in domain पर लानी थी, समयसीमा 31 अक्टूबर 2025। ये domain खुला नहीं है — इसे सिर्फ़ IDRBT जारी करता है, और सिर्फ़ RBI-licensed बैंक को। NBFC और बाक़ी वित्तीय संस्थाओं के लिए .fin.in रखा गया है।
आपके लिए इसका मतलब: बैंक की website का पता अब लगभग हमेशा bankname.bank.in जैसा होगा, जैसे hdfc.bank.in। कोई अजीब-सा नया domain ख़ुद को आपका बैंक बताए, तो अब आपके पास एक पक्की कसौटी है।
SMS का sender ID पढ़िए — TRAI का suffix नियम
ये सबसे कम इस्तेमाल होने वाली, और सबसे तेज़ जाँच है। भारत में कोई कंपनी आपको bulk SMS सीधे मोबाइल नंबर से नहीं भेज सकती — उसे TRAI के DLT सिस्टम पर registered header चाहिए। और 6 मई 2025 से हर header के आख़िर में उसकी category भी लगती है:
| Suffix | मतलब | उदाहरण |
|---|---|---|
| -P | Promotional (विज्ञापन) | AD-XYZSHP-P |
| -S | Service (सेवा से जुड़ी सूचना) | VM-BSNLIN-S |
| -T | Transactional (लेन-देन, OTP वग़ैरह) | VM-HDFCBK-T |
| -G | Government (सरकारी) | AD-UIDAIG-G |
इसके अलावा 1 अक्टूबर 2024 से commercial SMS में कोई भी link या APK तभी जा सकता है जब वो पहले से DLT platform पर whitelist हो — और 11 दिसंबर 2024 से हर मैसेज की पूरी चेन traceable होनी ज़रूरी है, वरना वो delivery से पहले ही reject हो जाता है।
तो अगर खाता block होने वाला मैसेज किसी 10-अंकों के मोबाइल नंबर से आया है, WhatsApp पर आया है, या header में कोई suffix ही नहीं है, वो आपके बैंक का मैसेज नहीं है। इतना देखने में तीन सेकंड लगते हैं।
कॉल पर भी वही खेल — 1600 और 140 सीरीज़ याद रखिए
Vishing यानी फ़ोन-कॉल वाला phishing रोकने के लिए TRAI ने नंबर सीरीज़ बाँट दी है। 1600xx सीरीज़ सिर्फ़ RBI, SEBI, IRDAI और PFRDA से regulated संस्थाओं की service और transactional कॉल के लिए है, और सरकारी विभागों की नागरिक-कॉल के लिए। 140xx सीरीज़ हर तरह की promotional कॉल के लिए है।
10 जुलाई 2026 को TRAI ने इस पर एक साफ़ स्पष्टीकरण भी जारी किया, क्योंकि कुछ रिपोर्ट्स में इसे ग़लत समझा जा रहा था। पैमाना अब ठीक-ठाक बड़ा हो चुका है — TRAI के आँकड़ों के मुताबिक़ FY 2026-27 की पहली तिमाही में 1600 सीरीज़ से लगभग 1.15 अरब कॉल गईं।
आपके लिए सीधा मतलब: बैंक की असली service कॉल 1600 से शुरू होने वाले नंबर से आएगी। कोई आम 10-अंकों वाले नंबर से कॉल करके ख़ुद को बैंक की security team बताए, तो वही पहला red flag है। और नंबर चाहे जो हो — OTP, PIN, CVV या कोई screen-share app किसी को नहीं देना है।
APK file वाला जाल — इस वक़्त का सबसे महँगा phishing
पिछले एक साल में सबसे तेज़ी से बढ़ने वाला तरीक़ा यही है, और सबसे भारी भी। ठग WhatsApp, SMS या Telegram पर एक file भेजते हैं। नाम कुछ भी हो सकता है — बैंक KYC update, बिजली बिल, कूरियर tracking। Install करते ही वो app आपके SMS पढ़ने की इजाज़त माँगती है, और मिल जाने पर आपका हर OTP सीधे ठग तक जाता है। खाते से पैसा तब कटता है जब आपको कोई मैसेज तक दिखाई नहीं देता।
11 जून 2026 को PIB Fact Check ने ऐसे ही एक फैलते मैसेज को नक़ली घोषित किया — RBI के नाम पर, आपका खाता संदिग्ध लेन-देन से जुड़ा है और suspend हो जाएगा, ऐसी धमकी और साथ में एक APK file। PIB ने साफ़ लिखा कि RBI WhatsApp पर सिर्फ़ अपने दो blue-tick verified नंबरों, 99309 91935 और 99990 41935, से ही संपर्क करता है, और वो कभी APK file या ऐसी सूचना नहीं भेजता।
इसीलिए नियम इतना सख़्त रखिए: app सिर्फ़ Play Store या App Store से। किसी chat, SMS या email से आई कोई भी file install नहीं होगी — भेजने वाला चाहे जान-पहचान का ही क्यों न लगे, उसका अपना फ़ोन compromise हो सकता है। Android में Install unknown apps की permission हर app के लिए बंद रखिए।
Email phishing — चार जगह देखिए, और कहीं नहीं
Email में ठगी पकड़ना असल में SMS से आसान है, क्योंकि यहाँ जाँचने को ज़्यादा चीज़ें दिखती हैं:
- भेजने वाले का पूरा पता खोलिए — नाम भले HDFC Bank लिखा हो, असली पता alerts@hdfc-secure-mail.co जैसा कुछ निकलेगा। मोबाइल में नाम पर टैप करने से पूरा पता दिख जाता है।
- Reply-to देखिए — कई बार भेजने वाला पता ठीक दिखता है पर जवाब किसी और पते पर जाता है। यही सबसे साफ़ सबूत होता है।
- बटन पर click किए बिना link देखिए — कंप्यूटर पर mouse ले जाकर, फ़ोन पर link को देर तक दबाकर। नीचे असली URL दिखेगा, और अक्सर वो बटन की लिखावट से बिल्कुल अलग होगा।
- Attachment — बिना माँगे आया .apk, .exe या .zip कभी मत खोलिए। बैंक statement हमेशा password-protected PDF होती है, और उसका password आपको पहले से पता होता है।
एक चीज़ जो अब भरोसे लायक़ नहीं रही, वो है भाषा। पहले नक़ली मेल टूटी-फूटी अंग्रेज़ी से पकड़ में आ जाते थे। अब वो साफ़-सुथरी हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों में आते हैं, logo और footer तक हूबहू। इसलिए लिखावट अच्छी है तो असली होगा, ये सोच छोड़ दीजिए। पता और link ही जाँचिए।
Click हो गया, detail डाल दी — अगले 30 मिनट
ख़ुद को दोष देना बाद में। अभी सिर्फ़ ये क्रम, ऊपर से नीचे:
| समय | क्या कीजिए |
|---|---|
| 0–3 मिनट | 1930 डायल कीजिए — पैसा कटा हो या न कटा हो, कॉल कीजिए |
| 3–8 मिनट | बैंक की helpline पर card, net-banking और UPI ब्लॉक करवाइए |
| 8–15 मिनट | cybercrime.gov.in पर लिखित शिकायत, acknowledgement number सेव कीजिए |
| 15–22 मिनट | जो password या PIN उस पेज पर डाला था वो हर जगह बदलिए; कोई अनजान app दिखे तो uninstall |
| 22–30 मिनट | मैसेज और पेज के screenshot सुरक्षित कीजिए, उसी नंबर को Chakshu पर रिपोर्ट कीजिए |
1930 की कॉल के 24 घंटे के अंदर cybercrime.gov.in पर लिखित शिकायत देना अनिवार्य है — सिर्फ़ कॉल से प्रक्रिया पूरी नहीं होती।
स्पीड इतनी क्यों मायने रखती है, इसका जवाब सरकारी सिस्टम की बनावट में है। शिकायत मिलते ही Citizen Financial Cyber Fraud Reporting and Management System बैंकों और NPCI को alert भेजता है ताकि पैसा आगे बढ़ने से पहले रोका जा सके। इसी सिस्टम के ज़रिए 2021 से दिसंबर 2025 तक लगभग 23 लाख शिकायतों में ₹7,000 करोड़ से ज़्यादा बचाया गया — पर ये तभी काम करता है जब पैसा अभी किसी खाते में पड़ा हो। पूरा minute-by-minute प्लान UPI fraud के 30-मिनट गाइड में है।
कहाँ रिपोर्ट करें — Chakshu या 1930
ये फ़र्क़ ज़्यादातर लोगों को पता नहीं होता, और इसी वजह से लाखों शक वाले मैसेज कभी रिपोर्ट ही नहीं होते।
| हालत | कहाँ जाइए | क्या होता है |
|---|---|---|
| शक वाला SMS, कॉल या WhatsApp आया, पैसा नहीं गया | Sanchar Saathi का Chakshu — sancharsaathi.gov.in | उस नंबर की जाँच होती है, connection कट सकता है, SMS template block होता है |
| पैसा चला गया | 1930 पर कॉल और cybercrime.gov.in | बैंक तथा NPCI को alert जाता है, पैसा फ़्रीज़ करने की कोशिश होती है |
| अपने नाम पर कितनी सिम चल रही हैं, ये देखना है | Sanchar Saathi का TAFCOP सेक्शन | अनजान connection वहीं से report करके बंद करवाया जा सकता है |
| सरकारी नाम से आई कोई सूचना शक वाली लगे | PIB Fact Check | नक़ली होने पर आधिकारिक खंडन जारी होता है |
Chakshu को हल्के में मत लीजिए, इसका असर असली है। सरकारी आँकड़ों के मुताबिक़ शुरुआत से फ़रवरी 2026 तक Chakshu पर 7.7 लाख से ज़्यादा संदिग्ध संदेश और कॉल रिपोर्ट हुए, और नागरिकों के इन्हीं इनपुट के आधार पर 39.43 लाख मोबाइल connection काटे गए, 2.27 लाख handset blacklist हुए और 1.31 लाख नक़ली SMS template ब्लॉक किए गए। सिर्फ़ 2025 में 5.19 लाख रिपोर्ट आईं, जिनमें सबसे बड़ी श्रेणियाँ रहीं KYC और पेमेंट से जुड़ी ठगी, सरकारी एजेंसी बनकर धमकाना, और निवेश-ट्रेडिंग स्कैम।
रिपोर्ट करने में एक मिनट लगता है। वो एक मिनट किसी और के ₹48,000 बचा सकता है।
घर के बुज़ुर्गों के फ़ोन में आज ही ये पाँच चीज़ें कीजिए
आँकड़े साफ़ बताते हैं कि निशाना कौन बनता है। 2025 में एक लाख से ज़्यादा वरिष्ठ नागरिकों ने साइबर ठगी की शिकायत दर्ज करवाई और उनका कुल नुक़सान ₹4,005 करोड़ रहा। लेक्चर देने से कुछ नहीं होगा। ये पाँच काम फ़ोन में ख़ुद कर दीजिए:
- Play Store में Play Protect चालू कीजिए, और हर app की Install unknown apps वाली permission बंद कीजिए।
- बैंक की app में transaction alert और daily transfer limit दोनों set कीजिए। Limit कम रखिए — बढ़ाना हमेशा आसान है।
- फ़ोन में 1930 को Cyber Helpline नाम से contact सेव कर दीजिए, ताकि घबराहट में नंबर ढूँढना न पड़े।
- SMS ऐप में spam filter चालू रखिए, और साफ़ बता दीजिए कि कोई भी link आने पर पहले आपको दिखाना है।
- Sanchar Saathi के TAFCOP पर जाकर देखिए कि उनके आधार पर कितनी सिम चल रही हैं, और अनजान connection वहीं से बंद करवाइए। सिम से जुड़ा सबसे ख़तरनाक हमला कैसा दिखता है, वो SIM swap fraud में लिखा है।
कितनी बड़ी है ये समस्या — 2026 के आँकड़े
2025 में भारत में साइबर अपराध की शिकायतें क़रीब 24% बढ़ीं और कुल रिपोर्ट किया गया नुक़सान ₹22,495 करोड़ रहा। एक और आँकड़ा सीधे इसी आर्टिकल के विषय से जुड़ा है: 2025 की दूसरी छमाही से 2026 की पहली छमाही के बीच SMS के ज़रिए होने वाली banking ठगी में 146% की उछाल दर्ज हुई, जबकि browser के रास्ते होने वाली ठगी 10% घटी। मतलब साफ़ है — हमला अब कंप्यूटर से हटकर आपकी जेब के फ़ोन पर आ चुका है।
और रिकवरी का सच वही है जो हम हमेशा लिखते हैं। 2025 में वरिष्ठ नागरिकों और महिलाओं की शिकायतों में कुल ₹7,769 करोड़ का नुक़सान दर्ज हुआ, जिसमें से ₹4,381 करोड़ रोककर lien में डाला गया, पर शिकायतकर्ताओं तक वापस पहुँचा सिर्फ़ ₹60.52 करोड़। इसलिए बचाव ही असली इलाज है। रिपोर्टिंग दूसरे नंबर पर आती है, पहले नंबर पर नहीं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Phishing क्या है — आसान भाषा में?
Phishing यानी नक़ली संदेश से असली जानकारी चुराना। ठग बैंक, बिजली विभाग, कूरियर कंपनी, income tax या किसी सरकारी दफ़्तर के नाम से SMS, email या WhatsApp मैसेज भेजते हैं, उसमें एक लिंक होता है, और वो लिंक एक हूबहू असली दिखने वाले नक़ली पेज पर ले जाता है। वहाँ आप जो भी डालते हैं — card number, CVV, UPI PIN, net-banking password, OTP — वो सीधा ठग के पास पहुँचता है। SMS से हो तो इसे smishing कहते हैं, फ़ोन कॉल से हो तो vishing। तरीक़ा अलग, मक़सद एक ही।
Phishing link पर click हो गया पर मैंने कुछ डाला नहीं — तब भी ख़तरा है?
ज़्यादातर मामलों में सिर्फ़ पेज खुलना अपने आप में नुक़सान नहीं करता — असली नुक़सान तब होता है जब आप उस पेज पर कुछ टाइप करें या कोई file install करें। पर लापरवाही मत कीजिए: (1) उस पेज को तुरंत बंद कीजिए, कुछ भी टाइप मत कीजिए, (2) देखिए कि कोई app या file अपने आप download तो नहीं हुई — हुई हो तो बिना खोले delete कीजिए, (3) अगले 48 घंटे अपने बैंक SMS ध्यान से पढ़िए, (4) उस मैसेज को Sanchar Saathi के Chakshu पर रिपोर्ट कर दीजिए ताकि वो नंबर ब्लॉक हो सके। कुछ भी डाल दिया हो, तो सीधा 1930 पर कॉल कीजिए।
Fake link और असली bank link में फ़र्क़ कैसे पहचानें?
URL को दाएँ से बाएँ पढ़िए। पहले slash से पहले वाला आख़िरी हिस्सा ही असली domain है — बाक़ी सब सजावट है। sbi.secure-verify.in असल में secure-verify.in है, SBI नहीं। दूसरा पक्का तरीक़ा 2026 में और आसान हो गया है: RBI के निर्देश पर भारत के बैंक अब .bank.in domain पर आ चुके हैं (जैसे hdfc.bank.in), जो सिर्फ़ RBI-licensed बैंक को ही मिलता है और IDRBT उसे जारी करता है। कोई भी अनजान domain वाला bank पेज दिखे तो शक कीजिए। और सबसे सुरक्षित आदत — लिंक खोलिए ही मत, बैंक की app ख़ुद खोलकर देखिए।
Fraud SMS या call कहाँ report करें — 1930 या Chakshu?
फ़र्क़ सिर्फ़ एक बात का है: पैसा गया या नहीं। पैसा नहीं गया, सिर्फ़ शक वाला मैसेज या कॉल आया — तो Sanchar Saathi का Chakshu (sancharsaathi.gov.in) सही जगह है, वहाँ से वो नंबर और SMS template ब्लॉक होते हैं। पैसा चला गया — तो तुरंत 1930 पर कॉल और cybercrime.gov.in पर शिकायत, यही आपके पैसे को फ़्रीज़ करवाने का रास्ता है। दोनों अलग सिस्टम हैं, एक-दूसरे की जगह नहीं लेते।
बैंक का असली SMS कैसे पहचानें — sender ID से कुछ पता चलता है क्या?
हाँ, और यही सबसे कम इस्तेमाल होने वाला तरीक़ा है। TRAI के नियम के मुताबिक़ 6 मई 2025 से हर registered SMS header के आख़िर में एक category suffix लगता है — -P (promotional), -S (service), -T (transactional) और -G (government)। तो असली bank alert का sender कुछ ऐसा दिखेगा: VM-HDFCBK-T। अगर मैसेज किसी 10-अंकों के आम मोबाइल नंबर से आया है, या WhatsApp पर आया है, तो वो आपके बैंक का official alert नहीं है — चाहे उसमें logo लगा हो।
APK file वाला मैसेज क्या होता है और इतना ख़तरनाक क्यों है?
APK Android app की installation file है। ठग WhatsApp या SMS पर “बैंक अपडेट”, “KYC form”, “बिजली बिल app”, “कूरियर tracking” के नाम से ये file भेजते हैं। Install होते ही वो app आपके SMS पढ़ सकती है — यानी आपका OTP सीधा ठग तक जाता है, और आपको पता भी नहीं चलता। जून 2026 में PIB Fact Check ने ऐसे ही एक मैसेज को नक़ली बताया जो RBI के नाम पर खाता suspend होने की धमकी और APK file भेज रहा था। नियम एक ही रखिए: app सिर्फ़ Play Store या App Store से, कभी किसी chat से नहीं।
मैंने phishing पेज पर card details या OTP डाल दिए — अब सबसे पहले क्या करूँ?
पहले 1930 पर कॉल — पैसा कट चुका हो या न कटा हो, दोनों हालत में। साथ-साथ अपने बैंक की helpline पर card और net-banking ब्लॉक करवाइए, और UPI PIN बदलिए। इसके 24 घंटे के अंदर cybercrime.gov.in पर लिखित शिकायत ज़रूरी है, acknowledgement number सँभालकर रखिए। जो password उस पेज पर डाला था, वो जहाँ-जहाँ इस्तेमाल होता है वहाँ भी बदलिए। पूरी step-by-step प्रक्रिया हमारे UPI fraud वाले 30-मिनट प्लान में लिखी है।
Pakke Sources — हमने कहाँ से verify किया
- Sanchar Saathi — Chakshu, suspected fraud communication reporting — पैसा गए बिना आया शक वाला SMS या कॉल यहीं रिपोर्ट होता है
- PIB — Chakshu facility, categories aur action data — 7.7 लाख रिपोर्ट, 39.43 लाख connection कटे, 1.31 लाख SMS template ब्लॉक (फ़रवरी 2026 तक)
- National Cyber Crime Reporting Portal (cybercrime.gov.in) — helpline 1930 — पैसा चले जाने पर शिकायत का आधिकारिक रास्ता
- RBI — .bank.in domain migration directive — 22 अप्रैल 2025 का निर्देश, migration की समयसीमा 31 अक्टूबर 2025; IDRBT ही registrar
- TRAI — whitelisted URLs/APKs in commercial SMS — 1 अक्टूबर 2024 से लागू; header suffix -P/-S/-T/-G 6 मई 2025 से
- TRAI — clarification on 1600 and 140 number series (10 July 2026) — 1600xx = बैंक और regulated संस्थाओं की service कॉल, 140xx = promotional