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PPF7.1%Sukanya (SSY)8.2%SCSS8.2%NSC7.7%KVP7.5%SIP inflow (July)₹31,961 Cr✓ Rates verified: Jul–Sep 2026 · Market data ~5 min delayed

Income Tax Slab 2026-27 — दोनों Regime की पूरी Table और आपकी Salary पर कितना टैक्स

Pakka-Checked· 20 Aug 2026 · Vikram Mehta
Kavita Sharma · Tax & Yojana Desk · Updated: 20 Aug 2026
Income tax slab 2026-27 — दफ़्तर की खिड़की के पास खड़ी महिला अपनी salary slip पर स्लैब की गणना उँगली से दिखाते हुए

पिछले महीने मेरी बहन के दफ़्तर में एक HR session हुआ था, और उसके बाद उसने मुझे जो पहला सवाल भेजा वह यह था: "दीदी, अगर मेरी salary ₹12 लाख से थोड़ी सी ऊपर चली गई तो क्या पूरे ₹12 लाख पर भी टैक्स लग जाएगा?" यही सवाल मुझे इस साल कम से कम बीस लोगों ने पूछा है। जवाब है — नहीं, और इसकी वजह क़ानून में लिखी हुई है, किसी CA की मेहरबानी में नहीं।

इस पेज पर income tax slab 2026-27 की दोनों regime की पूरी table है, ₹12 लाख वाली rebate का असली मतलब, marginal relief का सही हिसाब, और एक salary-wise table जिससे आप अपनी income के सामने सीधा आँकड़ा पढ़ सकें। घबराइए मत — पढ़ने में दस मिनट लगेंगे, पर उसके बाद कोई भी आपको स्लैब के नाम पर डरा नहीं पाएगा।

Pakka Points

  • FY 2026-27 (tax year 2026-27) में स्लैब और दरें बदली नहीं — 1 फ़रवरी 2026 के Budget में दोनों regime ज्यों की त्यों रखी गईं।
  • New regime default है: ₹4 लाख तक शून्य, फिर 5% / 10% / 15% / 20% / 25%, और ₹24 लाख से ऊपर 30%।
  • ₹12 लाख तक taxable income पर टैक्स शून्य — छूट से नहीं, rebate से; salaried को ₹75,000 standard deduction मिलाकर ₹12.75 लाख gross तक शून्य।
  • ₹12 लाख के ठीक ऊपर marginal relief लगती है — ₹12,01,500 पर टैक्स ₹60,225 नहीं, सिर्फ़ ₹1,500 है।
  • Old regime अब भी ज़िंदा है और बुज़ुर्गों के लिए अक्सर सस्ती — ₹3 लाख / ₹5 लाख की ऊँची छूट और 80TTB सिर्फ़ वहीं मिलते हैं।
  • 1 अप्रैल 2026 से Income Tax Act, 2025 लागू — 87A अब Section 156, 80C अब Section 123, और “assessment year” की जगह “tax year”।

पहले एक बात साफ़ कर लीजिए: कौन सा साल, कौन सा ITR

सबसे ज़्यादा गड़बड़ यहीं होती है, इसलिए यह सबसे ऊपर रख रही हूँ। अभी अगस्त 2026 चल रहा है। जो ITR इस जुलाई में भरा गया, वह FY 2025-26 की कमाई का था। जो salary आपको इस महीने मिल रही है, वह FY 2026-27 की है — यह साल 31 मार्च 2027 को ख़त्म होगा और इसका ITR जुलाई 2027 तक भरा जाएगा।

यह पेज उसी चालू साल — FY 2026-27, यानी नए क़ानून की भाषा में tax year 2026-27 — के स्लैब का है। इसी हिसाब से आपकी company अभी हर महीने TDS काट रही है, और इसी हिसाब से आपको सितंबर वाली advance tax की किश्त देखनी है।

New Tax Regime slab — FY 2026-27 (AY 2027-28)

यह default regime है। यानी अगर आप कुछ नहीं चुनते, तो आपका टैक्स इसी table से निकलेगा। इसमें deduction लगभग नहीं मिलतीं, पर दरें कम हैं।

Taxable income (सालाना)Tax rate
₹0 – ₹4,00,000शून्य
₹4,00,001 – ₹8,00,0005%
₹8,00,001 – ₹12,00,00010%
₹12,00,001 – ₹16,00,00015%
₹16,00,001 – ₹20,00,00020%
₹20,00,001 – ₹24,00,00025%
₹24,00,000 से ऊपर30%

ये दरें हर उम्र के resident individual पर एक जैसी लागू हैं — new regime में senior citizen के लिए कोई ऊँची छूट नहीं है। इनके ऊपर 4% Health & Education Cess अलग से लगता है, और ₹50 लाख से ऊपर surcharge भी।

Salaried और pensioner को इसमें ₹75,000 का standard deduction मिलता है — यानी gross salary में से पहले ₹75,000 घटेंगे, फिर ऊपर वाली table लगेगी। NPS में employer के contribution की छूट भी new regime में बची हुई है; बाक़ी 80C, HRA, home loan interest जैसी ज़्यादातर छूट यहाँ नहीं मिलतीं। किस regime में आपका फ़ायदा है, इसका पूरा हिसाब हमने new vs old regime वाले guide में अलग से किया है।

Old Tax Regime slab — FY 2026-27

Old regime ख़त्म नहीं हुई है, बस अपने आप नहीं लगती। इसे ITR भरते समय चुनना पड़ता है। इसमें दरें ऊँची हैं पर deduction की पूरी list खुली रहती है।

Taxable income60 साल से कम60–79 साल80+ साल
₹0 – ₹2,50,000शून्यशून्यशून्य
₹2,50,001 – ₹3,00,0005%शून्यशून्य
₹3,00,001 – ₹5,00,0005%5%शून्य
₹5,00,001 – ₹10,00,00020%20%20%
₹10,00,000 से ऊपर30%30%30%

Old regime में standard deduction ₹50,000 है (new regime में ₹75,000), और Section 156 (पुराना 87A) की rebate सिर्फ़ ₹5 लाख तक की total income पर, ज़्यादा से ज़्यादा ₹12,500।

ध्यान दीजिए — ऊँची छूट की यह पूरी column सिर्फ़ old regime की है। यही एक कारण है जिसकी वजह से papa की pension file पर काम करते समय मैंने उनके लिए old regime ही रखी: pension, FD का ब्याज और 80C में पहले से लगे हुए निवेश मिलाकर उनका हिसाब वहीं सस्ता बैठ रहा था।

"₹12 लाख तक कोई टैक्स नहीं" — इसका असली मतलब

यह लाइन हर जगह छपती है, पर आधी छपती है। ₹12 लाख कोई exemption limit नहीं है। Exemption limit अब भी ₹4 लाख ही है। ₹12 लाख तक टैक्स शून्य इसलिए होता है क्योंकि rebate मिलती है — Income Tax Act, 2025 की Section 156 (जो पुराने क़ानून की Section 87A थी) के तहत, ज़्यादा से ज़्यादा ₹60,000 तक।

हिसाब देखिए: ₹12 लाख की taxable income पर slab से टैक्स बनता है ₹0 + ₹20,000 (₹4–8 लाख पर 5%) + ₹40,000 (₹8–12 लाख पर 10%) = ₹60,000। और rebate भी ठीक ₹60,000 है। दोनों कट गए, टैक्स शून्य। rebate की सीमा और slab का जोड़ आपस में इतने सटीक क्यों बैठते हैं — यह संयोग नहीं, ऐसा ही design किया गया है।

Salaried के लिए इसमें ₹75,000 का standard deduction भी जुड़ जाता है, इसलिए ₹12.75 लाख तक की gross salary पर टैक्स शून्य रहता है। पर rebate की एक शर्त है जो लोग भूल जाते हैं: यह सिर्फ़ resident individual को मिलती है, और special-rate income (जैसे शेयर के capital gains) पर बनने वाले टैक्स पर नहीं मिलती। यानी अगर आपकी ₹11 लाख salary के साथ ₹1.5 लाख का equity capital gain या dividend भी है, तो उस हिस्से का टैक्स rebate से माफ़ नहीं होगा।

Marginal relief — ₹12 लाख के ठीक ऊपर वाली असली गणित

अब बहन वाले सवाल पर आते हैं। मान लीजिए taxable income ₹12,01,500 है — ₹12 लाख से सिर्फ़ ₹1,500 ऊपर। Slab के हिसाब से टैक्स ₹60,225 बनता है और rebate चली जाती है, क्योंकि rebate की शर्त ₹12 लाख तक की थी। यानी ₹1,500 ज़्यादा कमाने पर ₹60,225 टैक्स? यह बेतुका होता — इसलिए क़ानून में marginal relief रखी गई है।

नियम एक लाइन का है: ₹12 लाख से ऊपर आपका टैक्स उस अतिरिक्त कमाई से ज़्यादा नहीं हो सकता। तो ₹1,500 ज़्यादा कमाया, तो टैक्स भी ज़्यादा से ज़्यादा ₹1,500 (ऊपर से 4% cess)।

Taxable incomeSlab से टैक्सMarginal reliefअसल में देय (cess से पहले)
₹12,00,000₹60,000पूरी rebate ₹60,000₹0
₹12,01,500₹60,225₹58,725₹1,500
₹12,10,000₹61,500₹51,500₹10,000
₹12,25,000₹63,750₹38,750₹25,000
₹12,50,000₹67,500₹17,500₹50,000
₹12,70,000₹70,500₹500₹70,000
₹12,75,000₹71,250कुछ नहीं मिलती₹71,250

Marginal relief अपने आप लगती है — कोई form, कोई application नहीं। ITR की utility में यह गणना पहले से built-in है।

Table की सबसे नीचे वाली दो lines पर ग़ौर कीजिए। Marginal relief अनंत काल तक नहीं चलती — जिस बिंदु पर slab वाला टैक्स ₹12 लाख से ऊपर की कमाई के बराबर हो जाता है, वहीं यह ख़त्म हो जाती है। वह बिंदु है ₹12,70,588 की taxable income (गणित सीधा है: ₹60,000 ÷ 0.85)। उसके बाद सामान्य slab टैक्स ही लगता है।

Salaried के लिए इसे gross salary में बदल दें तो — ₹12,70,588 + ₹75,000 = लगभग ₹13.45 लाख की gross salary। यही असली आँकड़ा है जो ज़्यादातर पेज नहीं बताते; वे ₹12.75 लाख पर रुक जाते हैं, जो सिर्फ़ शून्य-टैक्स वाला बिंदु है, relief के ख़त्म होने का नहीं। अपनी exact figure के लिए Income Tax Calculator में अपनी salary डालकर देख लीजिए।

कितनी salary पर कितना टैक्स लगेगा (new regime)

यह table उन लोगों के लिए है जो सीधा आँकड़ा चाहते हैं। मान लिया गया है: salaried व्यक्ति, ₹75,000 standard deduction, कोई और deduction नहीं, cess जोड़कर।

Gross salary (सालाना)Taxable incomeटैक्स + 4% cess
₹8,00,000₹7,25,000₹0 — rebate से
₹10,00,000₹9,25,000₹0 — rebate से
₹12,75,000₹12,00,000₹0 — rebate से
₹13,00,000₹12,25,000₹26,000 (marginal relief के बाद)
₹13,50,000₹12,75,000₹74,100
₹15,00,000₹14,25,000₹97,500
₹18,00,000₹17,25,000₹1,50,800
₹20,00,000₹19,25,000₹1,92,400
₹25,00,000₹24,25,000₹3,19,800
₹30,00,000₹29,25,000₹4,75,800
₹50,00,000₹49,25,000₹10,99,800

ये आँकड़े सिर्फ़ standard deduction मानकर निकाले गए हैं। NPS में employer contribution जैसी छूट लेने पर आपका टैक्स इससे कम होगा।

₹13 लाख और ₹13.5 लाख वाली दो lines के बीच का फ़र्क़ ध्यान से देखिए — ₹50,000 ज़्यादा salary पर टैक्स ₹26,000 से बढ़कर ₹74,100 हो जाता है। यह marginal relief के धीरे-धीरे ख़त्म होने का असर है, और यही वह एक जगह है जहाँ साल के आख़िर में मिलने वाला छोटा सा bonus या arrear आपकी जेब पर उम्मीद से ज़्यादा भारी पड़ता है। जिनकी salary इसी range में है, उनके लिए NPS वाला employer contribution सबसे असरदार बचत है — उसका पूरा हिसाब NPS वाले guide में है।

Surcharge और cess — ₹50 लाख के ऊपर का हिस्सा

Slab की table पर हिसाब ख़त्म नहीं होता। ऊँची आय पर टैक्स के ऊपर एक और टैक्स लगता है, जिसे surcharge कहते हैं।

Total incomeSurcharge — old regimeSurcharge — new regime
₹50 लाख तककुछ नहींकुछ नहीं
₹50 लाख – ₹1 करोड़10%10%
₹1 करोड़ – ₹2 करोड़15%15%
₹2 करोड़ – ₹5 करोड़25%25%
₹5 करोड़ से ऊपर37%25% — यहीं रुक जाता है

Surcharge टैक्स पर लगता है, आय पर नहीं। इसके बाद टैक्स + surcharge के कुल जोड़ पर 4% Health & Education Cess लगता है, जो हर आय पर लागू है।

Surcharge पर भी अपनी अलग marginal relief है, और वह उतनी ही ज़रूरी है। मान लीजिए taxable income ठीक ₹50 लाख है — new regime में टैक्स ₹10,80,000, surcharge शून्य। अब income ₹50,10,000 हुई तो slab टैक्स ₹10,83,000 और उस पर 10% surcharge ₹1,08,300 — कुल ₹11,91,300। यानी ₹10,000 ज़्यादा कमाने पर ₹1,11,300 ज़्यादा टैक्स। इसीलिए यहाँ भी relief लगती है और टैक्स ₹10,90,000 पर रुक जाता है (cess अलग)। "₹50 लाख से एक रुपया ऊपर मत जाना" वाली सलाह इसी अधूरी समझ से पैदा हुई है।

बुज़ुर्गों के लिए एक अलग चेतावनी

नई regime की चमक-दमक में यह बात दब जाती है: new regime में बुज़ुर्गों के लिए कोई रियायत नहीं है। 30 साल के व्यक्ति और 82 साल के pensioner — दोनों की पहली ₹4 लाख आय ही tax-free है।

Pehle likh lijiye — old regime में जो चीज़ें सिर्फ़ बुज़ुर्गों को मिलती हैं:

  1. Basic exemption ₹3 लाख (60–79 साल) और ₹5 लाख (80+ साल)।
  2. Section 80TTB — बैंक और post office के ब्याज पर ₹50,000 तक की छूट।
  3. 80D में health insurance premium की ऊँची सीमा — ₹50,000।
  4. Advance tax से छूट, अगर कोई business income नहीं है — यह राहत 60 साल से ऊपर के resident को मिलती है।

जिन बुज़ुर्गों की आमदनी pension और PPF या FD जैसे ब्याज से आती है और जिनका 80C पहले से भरा हुआ है, उनके लिए मेरा हिसाब लगभग हर बार old regime के पक्ष में जाता है। हर case अलग होता है, इसलिए इसे मानिए मत — calculator में दोनों बार डालकर देखिए।

1 अप्रैल 2026 से क़ानून ही बदल गया — नए section numbers

यह इस साल की सबसे बड़ी बात है और अजीब तरह से सबसे कम बताई गई है। Income Tax Act, 2025 1 अप्रैल 2026 से लागू हो चुका है और उसने 1961 के पुराने क़ानून की जगह ले ली है। दरें वही हैं, स्लैब वही हैं — पर धाराओं के नंबर बदल गए हैं। पुराने क़ानून की लगभग 819 धाराओं को नए क़ानून में क़रीब 536 धाराओं में समेटा गया है।

किस चीज़ के लिएपुरानी धारा (1961)नई धारा (2025)
Rebate — ₹12 लाख / ₹5 लाख वाली87A156
PPF, ELSS, LIC, बच्चों की fees वग़ैरह80C123
NPS का अतिरिक्त निवेश80CCD124
Health insurance premium80D126
दान (donation)80G133

दरें, सीमाएँ और शर्तें वही हैं — सिर्फ़ नंबर बदले हैं। पुरानी धाराओं के नाम अभी भी चलन में रहेंगे, इसलिए Form 16 या investment proof में दोनों में से कोई भी दिख सकता है।

दूसरा बदलाव भाषा का है: "previous year" और "assessment year" हटाकर एक ही शब्द रख दिया गया है — tax year। यानी अप्रैल 2026 से मार्च 2027 तक का समय अब tax year 2026-27 है, और इसी नाम से ITR के forms में दिखेगा। जिनको हर साल AY और FY में उलझन होती थी, उनके लिए यह असल में राहत है। नया Form 16 पढ़ते समय यह नई शब्दावली दिखे तो चौंकिएगा मत।

अपना टैक्स ख़ुद कैसे निकालें — पाँच क़दम

  1. Gross total income जोड़िए — salary, ब्याज, किराया, capital gains, सब कुछ।
  2. Deduction घटाइए — new regime में मुख्य रूप से ₹75,000 का standard deduction; old regime में ₹50,000 standard deduction के साथ 80C, 80D, HRA, home loan interest वग़ैरह।
  3. बची हुई रक़म पर slab लगाइए — हिस्सों में, पूरी रक़म पर एक दर नहीं। ₹15 लाख की आय पर 15% पूरी रक़म पर नहीं लगता; हर slab का अपना हिस्सा अलग से जुड़ता है।
  4. Rebate या marginal relief घटाइए — ₹12 लाख तक की taxable income (new regime) या ₹5 लाख तक (old regime) पर।
  5. Surcharge जोड़िए अगर लागू हो, फिर 4% cess जोड़िए। यही आपकी असली टैक्स रक़म है।

इसके बाद इसमें से वह TDS घटाइए जो पहले ही कट चुका है — बचा हुआ आपको भरना है, और अगर ज़्यादा कट गया है तो refund का पूरा तरीक़ा यहाँ है

इस साल की तारीख़ें — लिख लीजिए

FY 2026-27 अभी चल रहा है, इसलिए ये तारीख़ें अभी काम की हैं, जुलाई 2027 वाली नहीं। Advance tax उन पर लागू है जिनका सालाना टैक्स, TDS घटाने के बाद, ₹10,000 से ऊपर बनता है।

तारीख़क्या करना हैकितना
15 जून 2026पहली advance tax किश्त — बीत चुकीकुल टैक्स का 15%
15 सितंबर 2026दूसरी किश्त — अगली deadlineकुल का 45%, जोड़कर
15 दिसंबर 2026तीसरी किश्तकुल का 75%, जोड़कर
15 मार्च 2027आख़िरी किश्तकुल का 100%
31 मार्च 2027Tax year 2026-27 ख़त्मनिवेश के proof इसी तारीख़ तक
31 जुलाई 2027ITR की आख़िरी तारीख़ — बिना audit वालों के लिए

किश्त छूटने पर Section 234B/234C के तहत 1% प्रति माह ब्याज लगता है। 60 साल से ऊपर के resident, जिनकी कोई business income नहीं है, advance tax से मुक्त हैं।

अगली deadline 15 सितंबर 2026 है — यानी इस लेख के छपने से तीन हफ़्ते बाद। अगर आपकी salary के अलावा freelancing, किराया या FD का बड़ा ब्याज है, तो अभी एक बार हिसाब लगा लीजिए। ITR कैसे भरना है, इसका step-by-step तरीक़ा यहाँ रखा है, और सरकारी कर्मचारियों के लिए आने वाले वेतन बदलाव की स्थिति 8th Pay Commission वाले पेज पर है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Income tax slab 2026-27 me kya badla hai?

स्लैब में कुछ नहीं बदला। 1 फ़रवरी 2026 के Budget में personal income tax की दरें और स्लैब दोनों regime में ज्यों की त्यों रखी गईं — यानी FY 2026-27 (tax year 2026-27) की slab table वही है जो FY 2025-26 की थी। असली बदलाव दरों में नहीं, क़ानून में है: 1 अप्रैल 2026 से Income Tax Act, 2025 लागू हो गया, इसलिए section numbers बदल गए हैं (87A अब 156, 80C अब 123) और “assessment year” की जगह “tax year” शब्द आ गया है।

Kitni salary par tax lagta hai 2026 me?

New regime में salaried व्यक्ति को ₹75,000 का standard deduction मिलता है और ₹12 लाख तक की taxable income पर Section 156 (पुराना 87A) की rebate मिलती है। दोनों जोड़ दें तो ₹12.75 लाख तक की gross salary पर टैक्स शून्य रहता है। उसके ऊपर marginal relief की वजह से टैक्स धीरे-धीरे बढ़ता है, और लगभग ₹13.45 लाख की gross salary के बाद पूरा slab-rate टैक्स लगने लगता है।

12 lakh se 1 rupya zyada kama liya to kya poora tax lagega?

नहीं। यही डर सबसे ज़्यादा फैलाया जाता है और ग़लत है। ₹12,01,500 की taxable income पर slab के हिसाब से टैक्स ₹60,225 बनता है, पर marginal relief लगने के बाद आप सिर्फ़ ₹1,500 देंगे — यानी उतना ही जितना आपने ₹12 लाख से ऊपर कमाया। यह relief अपने आप लगती है, कोई अलग form नहीं भरना पड़ता।

Senior citizen ke liye new regime me kitni chhut hai?

New regime में senior citizens के लिए कोई अलग या ऊँची basic exemption नहीं है — 25 साल के व्यक्ति और 70 साल के pensioner, दोनों की पहली ₹4 लाख आय ही tax-free है। ऊँची छूट (60-79 साल के लिए ₹3 लाख, 80+ के लिए ₹5 लाख) सिर्फ़ old regime में है, और 80TTB वाली ₹50,000 ब्याज-छूट भी सिर्फ़ old regime में मिलती है। इसीलिए pension और FD ब्याज पर जीने वाले कई बुज़ुर्गों के लिए old regime अब भी सस्ता पड़ता है।

New tax regime aur old tax regime me se default kaunsa hai?

New regime default है। अगर आप कुछ नहीं चुनते तो आपका टैक्स new regime से ही निकलेगा। Old regime चुनने के लिए ITR भरते समय उसे अलग से select करना पड़ता है — और salary income वाले हर साल regime बदल सकते हैं, जबकि business या professional income वालों को यह छूट एक बार ही मिलती है।

Income tax slab par surcharge aur cess kaise lagta hai?

पहले slab से टैक्स निकलता है, फिर ₹50 लाख से ऊपर की आय पर surcharge जुड़ता है (10% / 15% / 25%, new regime में सबसे ऊपर की दर 25% पर रुक जाती है), और सबसे आख़िर में टैक्स + surcharge के जोड़ पर 4% Health & Education Cess लगता है। Cess हर किसी पर लगता है, चाहे आय कितनी भी हो — यही वजह है कि आपका असली टैक्स slab के हिसाब से निकाले गए आँकड़े से हमेशा थोड़ा ज़्यादा होता है।

FY 2026-27 ka ITR kab bharna hai?

FY 2026-27 यानी tax year 2026-27 अभी चल रहा है — यह 31 मार्च 2027 को ख़त्म होगा और इसका ITR 1 अप्रैल 2027 के बाद भरा जाएगा, जिसकी आख़िरी तारीख़ बिना audit वालों के लिए 31 जुलाई 2027 है। जो ITR इस साल जुलाई 2026 में भरा गया, वह पिछले साल FY 2025-26 का था — यही दो साल की गड़बड़ी सबसे ज़्यादा confusion पैदा करती है।

आख़िर में एक छोटी सी चेतावनी, जो मैं हर साल दोहराती हूँ: regime चुनने का फ़ैसला जनवरी में company को declaration देते समय नहीं, ITR भरते समय भी बदला जा सकता है — बशर्ते आप salaried हों और ITR समय पर भरें। देर से भरा हुआ ITR आपसे यही आज़ादी छीन लेता है।

Pakke Sources — हमने कहाँ से verify किया

  1. Income Tax Department — official portal (slabs, rates, e-filing)New/old regime slab rates FY 2026-27, standard deduction, rebate
  2. Income Tax India — Income Tax Act, 20251 April 2026 se lagu; Section 156 (rebate), Section 123 (80C), tax year concept
  3. PIB — Union Budget 2026-27 (1 February 2026)Personal income tax slabs aur rates me koi badlav nahi
  4. Income Tax Department — advance tax due dates15 Jun / 15 Sep / 15 Dec / 15 Mar ki kishtein, Sec 234B-234C
Zaroori baat: Tax ke rules har saal badalte hain aur aapki personal situation par depend karte hain. Ye jaankari education ke liye hai — final decision se pehle official portal ya tax professional se confirm karein.
Kavita Sharma avatar
Tax & Yojana Desk

9 saal accounts ka kaam karte-karte Kavita ne dekha ki log tax ke naam se hi ghabra jaate hain. Ab wo har naya rule official circular se padh kar samjhati hain — deadline, documents, eligibility, sab pakka karke.

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