ATM से पैसे नहीं निकले पर कट गए (ATM Se Paise Nahi Nikle Par Kat Gaye)? यह आपका पैसा है, माँगिए

रात 9:15। ATM की स्क्रीन पर वही घूमता हुआ गोला। मशीन एक बार खड़खड़ाई, फिर चुप हो गई। पर्ची नहीं निकली, नोट नहीं निकले — और जेब में फ़ोन बजा: ₹10,000 डेबिट।
घबराना normal है। अब यह पढ़ लीजिए, फिर आराम से खड़े रहिए।
यह चोरी नहीं है। यह fraud भी नहीं है। यह RBI की भाषा में failed transaction है, और इसका पूरा नियम लिखा हुआ है — कितने दिन में पैसा लौटना है, देर हुई तो बैंक आपको हर दिन कितना देगा, और बैंक ना माने तो किसके पास जाना है। ज़्यादातर लोग इसमें से आधा भी नहीं जानते, इसलिए या तो चुपचाप इंतज़ार करते रहते हैं या शाखा में जाकर बहस करते हैं। दोनों की ज़रूरत नहीं।
Pakka Points
- पैसा T+5 दिन में अपने आप वापस आना चाहिए — RBI यहाँ calendar दिन गिनता है, working दिन नहीं।
- देर होने पर बैंक को हर दिन ₹100 देना है, वो भी बिना आपके माँगे — यह RBI circular में लिखा है।
- ATM चाहे किसी भी बैंक का हो, शिकायत अपने ही बैंक में होगी — जिसका card आपने डाला था।
- फेल हुई transaction आपकी free ATM limit में नहीं गिनी जाएगी, और उस पर ₹23 का charge भी नहीं लगेगा।
- बैंक 30 दिन में हल ना करे तो RBI Ombudsman — cms.rbi.org.in, मुफ़्त, वकील की ज़रूरत नहीं।
- 1 जुलाई 2026 से नया scheme लागू है: ₹30 लाख तक नुक़सान और ₹3 लाख तक परेशानी का मुआवज़ा।
पहले दस मिनट — यह कीजिए, इसी क्रम में
मशीन के सामने से हटने से पहले चार काम हो जाने चाहिए।
1. ATM पर चिपका हुआ ID number और पता फ़ोन में लिख लीजिए या उसकी फ़ोटो खींच लीजिए। हर ATM पर एक code होता है — बैंक को यही चाहिए होता है।
2. पर्ची निकली हो तो सँभालकर रखिए। ना निकली हो, तो कोई बात नहीं — सबूत बैंक के पास है, आपके पास नहीं (नीचे इस पर पूरा जवाब है)।
3. बैंक के SMS का screenshot लीजिए। उसमें transaction का समय और reference number होता है।
4. बैंक के customer care पर call करके शिकायत दर्ज कराइए और complaint number माँगिए। यही number आगे हर बातचीत में काम आएगा। App या net banking से भी दर्ज कर सकते हैं — दोनों जगह complaint number मिलता है।
और एक चीज़ मत कीजिए: दोबारा वही रक़म निकालने की कोशिश। मशीन में असल में दिक़्क़त हो तो दूसरी बार भी वही होगा, और फिर दो-दो claim उलझेंगे।
RBI का नियम — T+5, और यह पाँच दिन calendar के हैं
यह सबसे बड़ी ग़लतफ़हमी है जो लगभग हर website दोहराती है। लोग लिखते हैं "5 working days"। RBI के circular में यह लिखा ही नहीं है।
20 सितंबर 2019 का circular — DPSS.CO.PD No.629/02.01.014/2019-20, जिसका नाम है Harmonisation of Turn Around Time — साफ़ कहता है: T transaction का दिन है और यह calendar तारीख़ है। यानी शनिवार, रविवार, होली, दिवाली — सब उन पाँच दिनों में गिने जाएँगे। सोमवार को फेल हुई transaction का पैसा शनिवार तक आ जाना चाहिए, अगले शुक्रवार तक नहीं।
उसी circular की एक और लाइन याद रखने लायक़ है — failed transaction वो है जो ग्राहक की वजह से नहीं रुकी: communication link टूट गया, session time-out हो गया, या ATM में cash ही नहीं था। इन तीनों में से किसी में भी आपकी कोई ग़लती नहीं मानी जाती।
| किस तरह की transaction | पैसा वापस आने की समय-सीमा | देर पर मुआवज़ा |
|---|---|---|
| ATM / Micro-ATM — खाते से कटा, cash नहीं निकला | T + 5 दिन | ₹100 प्रति दिन |
| Card से card में पैसा भेजा, दूसरे को नहीं मिला | T + 1 दिन | ₹100 प्रति दिन |
| दुकान पर card swipe / online card payment अटका | T + 5 दिन | ₹100 प्रति दिन |
| IMPS — कटा, सामने वाले को नहीं मिला | T + 1 दिन | ₹100 प्रति दिन |
| UPI — कटा, सामने वाले को नहीं मिला | T + 1 दिन | ₹100 प्रति दिन |
| Wallet / prepaid instrument | T + 1 दिन | ₹100 प्रति दिन |
स्रोत: RBI का 20 सितंबर 2019 का TAT circular। T का मतलब transaction वाली calendar तारीख़ — working दिन नहीं। ATM और card-payment को पाँच दिन इसलिए मिलते हैं क्योंकि उनमें दो बैंकों के बीच settlement होती है; UPI और IMPS तुरंत settle होते हैं, इसलिए एक दिन।
असल ज़िंदगी में क्या होता है? ज़्यादातर बैंक 24 से 48 घंटे में अपने आप पैसा लौटा देते हैं, अक्सर आपकी शिकायत दर्ज होने से पहले ही। T+5 आख़िरी सीमा है, आम तजुर्बा नहीं। पर सीमा जानना ज़रूरी है — क्योंकि उसके बाद वाला हिस्सा आपका हक़ बन जाता है।
₹100 रोज़ का मुआवज़ा — इसे माँगना नहीं पड़ता
यह वाली बात लगभग कोई नहीं बताता, और यही सबसे काम की है।
उसी circular के paragraph 5 में लिखा है कि जहाँ भी financial compensation बनता है, बैंक उसे ग्राहक के खाते में suo moto डालेगा — यानी अपने आप, आपकी शिकायत या दावे का इंतज़ार किए बिना।
मतलब सीधा है। छठे दिन से लेकर जिस दिन पैसा वापस आया, हर दिन का ₹100 आपका है। पैसा 12 दिन बाद लौटा? T+5 के बाद के 7 दिन बनते हैं, यानी ₹700 — और वो अलग entry में आना चाहिए, refund के साथ नहीं मिलाकर।
बैंक statement में यह entry ना दिखे तो शिकायत में सिर्फ़ इतना लिखिए: "TAT circular dated 20.09.2019 के अनुसार T+5 के बाद की देरी का ₹100 प्रति दिन compensation खाते में नहीं आया है।" इतनी एक लाइन काफ़ी है। Statement निकालने का तरीक़ा हर बैंक के app में एक जैसा है — passbook या statement वाले section से PDF download हो जाती है।
यह fraud नहीं है — और यह फ़र्क़ बहुत मायने रखता है
लोग दोनों को एक ही समझ लेते हैं, और फिर ग़लत रास्ते पर चले जाते हैं।
Failed transaction: आपने ख़ुद card डाला, PIN डाला, रक़म चुनी। मशीन ने नोट नहीं दिए। यह मशीन और settlement की गड़बड़ी है। रास्ता — बैंक में शिकायत, T+5, ₹100 रोज़।
Unauthorised transaction: आपने कुछ किया ही नहीं और खाते से पैसे कट गए। किसी ने card clone किया, skimmer लगाया, या OTP ले लिया। यह चोरी है। रास्ता बिल्कुल अलग — RBI का 6 जुलाई 2017 वाला limited liability ढाँचा लगता है, जिसमें बैंक का message मिलने के 3 working दिन के अंदर बताने पर आपकी देनदारी शून्य होती है। 4 से 7 working दिन के बीच बताया तो खाते के प्रकार के हिसाब से सीमित देनदारी बनती है।
दूसरे वाले में एक मिनट भी नहीं गँवाना। 1930 पर call कीजिए, card तुरंत block कराइए, और cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कीजिए। हमारा ATM card तुरंत block कैसे करें वाला guide एक-एक बैंक का SMS format और number देता है, और fraud transaction का refund कैसे लें में उस रास्ते की पूरी timeline है।
दूसरे बैंक के ATM से निकाला था — शिकायत किसे करनी है
अपने बैंक को। जिसका card आपने डाला, वही ज़िम्मेदार है।
शाखा में कोई कह दे कि "वो तो PNB का ATM था, वहीं जाइए" — यह ग़लत है, और आपको मानना नहीं है। आपका बैंक (issuer) NPCI के dispute settlement system के ज़रिए उस बैंक (acquirer) से हिसाब ख़ुद करता है। दोनों बैंकों के बीच का reconciliation आपका काम नहीं है; RBI ने समय-सीमा आपके बैंक पर रखी है, मशीन वाले बैंक पर नहीं।
एक और बात, जो कम लोग जानते हैं: ATM में cash ना होना बैंक के लिए मुफ़्त नहीं है। 10 अगस्त 2021 के RBI circular के तहत 1 अक्टूबर 2021 से लागू Scheme of Penalty for non-replenishment of ATMs कहती है कि किसी भी ATM में महीने में दस घंटे से ज़्यादा cash-out रहा, तो उस ATM पर ₹10,000 का सीधा जुर्माना लगेगा। वो जुर्माना RBI को जाता है, आपको नहीं — पर यह समझने के लिए काफ़ी है कि खाली ATM बैंक की चूक मानी जाती है, आपकी बदक़िस्मती नहीं।
फेल हुई transaction आपकी free limit में नहीं गिनी जाएगी
यह छोटा सा हक़ है, पर लोग चुपचाप ₹23 भरते रहते हैं।
RBI ने साफ़ किया हुआ है कि technical कारणों से फेल हुई transaction — hardware या software की दिक़्क़त, communication link, या ATM में नोट ही ना होना — ग्राहक की valid transaction नहीं मानी जाएगी, और उस पर कोई charge नहीं लगेगा।
अभी की स्थिति यह है: अपने बैंक के ATM पर महीने में 5 मुफ़्त transaction (पैसे निकालना और balance देखना, दोनों मिलाकर), दूसरे बैंक के ATM पर छह बड़े metro शहरों में 3 और बाक़ी जगह 5। इसके बाद 1 मई 2025 से हर transaction ₹23 की पड़ती है, और balance enquiry जैसी non-financial transaction लगभग ₹8.50 और GST।
तो अगर उस फेल हुई रात के बाद आपके statement में ₹23 दिखे, वो भी उसी शिकायत में जोड़ दीजिए। एक लाइन में — "failed transaction पर लगा charge भी वापस किया जाए।"
बैंक ने मना कर दिया — बैंक की complaint कहाँ करें
बैंक कभी-कभी कहता है कि उनके रिकॉर्ड में transaction "successful" है। उसका मतलब सिर्फ़ इतना है कि switch को success का response code मिला था — यह आख़िरी सच नहीं है। ATM का journal print और CCTV दोनों जाँचे जाने चाहिए, और आपको लिखित में यही माँगना है।
क्रम यह है, और हर सीढ़ी का सबूत रखिए:
1. शाखा या customer care में लिखित शिकायत, complaint number के साथ।
2. हल ना हो तो बैंक के Nodal Officer या Principal Nodal Officer को लिखिए। हर बैंक की website पर Grievance Redressal वाले पन्ने पर उनका नाम, email और पता होता है।
3. बैंक को जवाब देने के लिए 30 दिन हैं। इस दौरान बैंक की internal ombudsman व्यवस्था भी मामला देखती है — किसी भी शिकायत को पूरी तरह ख़ारिज करने से पहले बैंक को उसे internal ombudsman के पास भेजना होता है।
जवाब आ जाए और संतोषजनक हो, बात ख़त्म। ना आए, या टालने वाला हो — तो अगली सीढ़ी।
RBI Ombudsman में complaint कैसे करें — 1 जुलाई 2026 से नया नियम
यहाँ इस साल एक बड़ा बदलाव हुआ है, और ज़्यादातर पुराने articles अभी भी 2021 वाला scheme बता रहे हैं।
Reserve Bank Integrated Ombudsman Scheme, 2026 1 जुलाई 2026 से लागू है और उसने 2021 वाले scheme की जगह ली है। इसमें एक ही जगह से हर तरह की बैंकिंग शिकायत देखी जाती है — banks, बड़े NBFC, prepaid payment instrument वाले, और credit information companies सब इसके दायरे में हैं।
| बात | नियम |
|---|---|
| कब जा सकते हैं | बैंक में शिकायत के 30 दिन बाद जवाब ना आए, या जवाब से संतुष्ट ना हों |
| कितने दिन के अंदर | बैंक के अंतिम जवाब के 90 दिन के अंदर |
| कहाँ | cms.rbi.org.in पर online, या crpc@rbi.org.in पर email |
| डाक से | Centralised Receipt and Processing Centre, RBI, चंडीगढ़ |
| ख़र्च | कुछ नहीं — पूरी तरह मुफ़्त |
| वकील | ज़रूरत नहीं; legal practitioner आपकी ओर से पेश नहीं हो सकता |
| मुआवज़ा | असली नुक़सान का ₹30 लाख तक, और परेशानी/समय/ख़र्चे का अलग ₹3 लाख तक |
स्रोत: Reserve Bank — Integrated Ombudsman Scheme, 2026, 1 जुलाई 2026 से लागू। ATM के मामले में असली नुक़सान अक्सर छोटा होता है, पर महीनों की भागदौड़ का मुआवज़ा दूसरी मद में माँगा जा सकता है — यही वो हिस्सा है जो लोग माँगते ही नहीं।
Portal पर form भरते समय तीन चीज़ें तैयार रखिए: बैंक का complaint number, वो तारीख़ जब आपने बैंक को लिखा था, और बैंक का जवाब (या यह कि जवाब आया ही नहीं)। बिना बैंक में पहले शिकायत किए Ombudsman सीधे शिकायत नहीं लेता — यह पहली सीढ़ी छोड़ने पर ज़्यादातर आवेदन वहीं रुक जाते हैं।
जो नहीं करना है
बहस में समय मत गँवाइए। शाखा में खड़े होकर घंटा लगाने से बेहतर है दस मिनट में लिखित शिकायत और complaint number।
Google पर बैंक का customer care number मत ढूँढिए। नक़ली numbers वहीं बैठे होते हैं, और यही वो पल है जब लोग असली fraud में फँसते हैं — पहले से परेशान आदमी सबसे आसान शिकार होता है। Number सिर्फ़ अपने बैंक के app, passbook या card के पीछे से लीजिए।
किसी को भी screen share मत कीजिए। कोई भी असली बैंक अधिकारी refund के लिए AnyDesk या ऐसा कोई app नहीं डलवाता। इस पूरे खेल का तरीक़ा हमने phishing link से कैसे बचें में खोलकर लिखा है।
और शिकायत टालिए मत। CCTV footage हर जगह सीमित दिन ही रखी जाती है।
UPI में यही हुआ तो?
नियम वही ढाँचा है, पर घड़ी छोटी है — किसी को सीधे भेजे पैसे का reversal T+1 दिन में होना चाहिए। पूरी timeline, chargeback की प्रक्रिया और UTR number का इस्तेमाल हमने अलग से UPI transaction failed, पैसे कट गए में लिखा है। और अगर पैसा फेल नहीं हुआ बल्कि ग़लत आदमी के खाते में चला गया, तो वो तीसरी ही चीज़ है — ग़लत account में पैसे चले गए देखिए।
फ़ोन में यह सब लिख लीजिए
अपने बैंक का customer care number — app से copy करके, आज ही।
RBI शिकायत portal: cms.rbi.org.in
RBI का CRPC email: crpc@rbi.org.in
साइबर fraud helpline: 1930 — यह failed ATM transaction के लिए नहीं है, सिर्फ़ तब जब पैसा किसी ने चुराया हो।
और एक आदत डाल लीजिए: बैंक के SMS alerts कभी बंद मत करवाइए। जिस रात मशीन खड़खड़ाकर चुप हो जाती है, वो SMS ही आपकी घड़ी शुरू करता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
ATM se paise nahi nikle par kat gaye — refund kitne din me aata hai?
RBI का नियम है T+5 दिन — यानी transaction वाले दिन के बाद पाँच दिन। और ध्यान दीजिए, RBI यहाँ calendar दिन गिनता है, working दिन नहीं। शनिवार, रविवार, त्योहार — सब उसी पाँच में गिने जाएँगे। ज़्यादातर मामलों में पैसा इससे बहुत पहले, 24 से 48 घंटे में अपने आप वापस आ जाता है। पाँचवें दिन तक ना आए तो बैंक पर हर दिन का ₹100 चढ़ना शुरू हो जाता है।
Kya mujhe compensation ke liye alag se application deni padegi?
नहीं। 20 सितंबर 2019 के RBI circular का paragraph 5 साफ़ कहता है कि जहाँ भी financial compensation बनता है, बैंक उसे ग्राहक के खाते में suo moto डालेगा — आपकी शिकायत या दावे का इंतज़ार किए बिना। यानी ₹100 रोज़ माँगना नहीं पड़ता, वो आपका हक़ है और बैंक की ज़िम्मेदारी। हाँ, अगर बैंक ने अपने आप नहीं डाला, तो माँगिए — और लिखित में माँगिए।
Dusre bank ke ATM se nikala tha — complaint kis bank me karni hai?
अपने ही बैंक में, जिसका card आपने इस्तेमाल किया। ATM किसका था, यह आपका सिरदर्द नहीं है। आपका बैंक (issuer) NPCI के dispute system से दूसरे बैंक (acquirer) के साथ हिसाब ख़ुद करेगा। T+5 की ज़िम्मेदारी आपके अपने बैंक की है — ना कि उस बैंक की जिसका ATM रास्ते में पड़ता है। कोई बैंक कहे कि जाकर उस बैंक से बात करो, तो वो ग़लत कह रहा है।
Failed transaction meri free ATM limit me gina jayega kya?
नहीं गिना जाना चाहिए। RBI ने साफ़ किया है कि technical कारणों से फेल हुई transaction — hardware, software, communication की दिक़्क़त, या ATM में cash ही ना होना — ग्राहक की valid transaction नहीं मानी जाएगी और उस पर कोई charge नहीं लगेगा। अभी free limit है अपने बैंक के ATM पर 5 transaction महीने में, दूसरे बैंक के ATM पर metro शहरों में 3 और non-metro में 5। इसके बाद 1 मई 2025 से हर transaction ₹23 की पड़ती है। अगर फेल हुई transaction के बाद आपसे ₹23 कट गया है, वो भी वापस माँगिए।
Account se paise katne ka SMS aaya par maine kuch nahi kiya — ye bhi wahi cheez hai?
नहीं, यह बिल्कुल अलग मामला है और इसका रास्ता भी अलग है। ATM में cash ना निकलना एक failed transaction है — मशीन की गड़बड़ी, कोई चोरी नहीं। पर अगर आपने transaction की ही नहीं और पैसे कट गए, तो वो unauthorised transaction है। उसमें RBI का 6 जुलाई 2017 वाला ढाँचा लगता है: बैंक का message मिलने के 3 working दिन के अंदर बताया तो आपकी देनदारी शून्य। एक मिनट भी मत गँवाइए — 1930 पर call कीजिए और card block करवाइए।
5 din nikal gaye, bank ne paisa wapas nahi kiya — ab kya?
पहले अपने बैंक में लिखित शिकायत दर्ज कीजिए और complaint number लीजिए। बैंक को जवाब देने के लिए 30 दिन मिलते हैं। 30 दिन में जवाब ना आए, या जवाब से आप संतुष्ट ना हों, तो RBI Ombudsman के पास जाइए — cms.rbi.org.in पर, बिल्कुल मुफ़्त, वकील की ज़रूरत नहीं। 1 जुलाई 2026 से लागू नए Reserve Bank Integrated Ombudsman Scheme, 2026 के तहत असली नुक़सान का ₹30 लाख तक और परेशानी, समय और ख़र्चे का अलग से ₹3 लाख तक मुआवज़ा दिया जा सकता है।
ATM ki parchi nahi nikli thi — ab sabut kya hoga?
परेशान मत होइए, पर्ची अकेला सबूत नहीं है। असली रिकॉर्ड बैंक के पास है — ATM का journal print और switch का log, जिसमें हर transaction का response code होता है। आपको बस चार चीज़ें बतानी हैं: तारीख़, क़रीबी समय, रक़म, और ATM की जगह या उसका ID (मशीन पर चिपका होता है)। ATM बूथ के CCTV की footage भी बैंक के पास होती है, आम तौर पर सीमित दिनों के लिए — इसीलिए शिकायत में देर मत कीजिए।
Pakke Sources — हमने कहाँ से verify किया
- RBI — Harmonisation of Turn Around Time (TAT) and customer compensation for failed transactions — DPSS.CO.PD No.629/02.01.014/2019-20, 20 September 2019 — ATM: T+5 days, ₹100/day; para 5: compensation suo moto
- RBI — Reserve Bank Integrated Ombudsman Scheme, 2026 — 1 July 2026 se lagu, 2021 scheme ki jagah — ₹30 lakh + ₹3 lakh tak muavza, CRPC Chandigarh
- RBI — Scheme of Penalty for non-replenishment of ATMs — DCM (RMMT) No.S153/11.01.01/2021-22, 10 August 2021 — 1 Oct 2021 se ₹10,000 per ATM cash-out penalty
- RBI — Customer Protection: Limited Liability in Unauthorised Electronic Banking Transactions — 6 July 2017 — unauthorised transaction ka alag dhancha: 3 working din me batane par zero liability
- RBI — ATM transactions, free limits aur charges — Apne bank ke ATM par 5 free, dusre bank par metro me 3 / non-metro me 5; 1 May 2025 se ₹23 per transaction