Koi tips nahi. Sirf samajh. Har article official sources se pakka-check hota hai.
PPF7.1%Sukanya (SSY)8.2%SCSS8.2%NSC7.7%KVP7.5%SIP inflow (July)₹31,961 Cr✓ Rates verified: Jul–Sep 2026 · Market data ~5 min delayed

Demat Account क्या है (Demat Account Kya Hai)? Charges से Nominee तक, पूरा सच

Pakka-Checked· 22 Aug 2026 · Vikram Mehta
Rohan Deshmukh · Nivesh Desk · Updated: 22 Aug 2026
Demat account kya hai — सफ़ेद दीवार के सामने चलते हुए phone पर अपनी demat holding देखता हुआ युवक

सच बोलूँ? इस article की सबसे काम की बात मुझे अपना ही नुक़सान करवाकर पता चली।

2021 से 2024 तक मेरे demat account से हर साल ₹354 कटते रहे। सालाना AMC, ₹300 प्लस GST, quarterly किश्तों में। उन तीन-चार सालों में मेरी पूरी holding कभी ₹1.2 लाख के ऊपर नहीं गई थी। मुझे पता ही नहीं था कि SEBI का एक नियम है जिसके तहत उतनी छोटी holding पर AMC शून्य होनी चाहिए थी। ₹1,416 सिर्फ इसलिए गए क्योंकि मैंने कभी अपने broker से एक सवाल नहीं पूछा। (हाँ, वही मैं जो लोगों को expense ratio समझाता हूँ। शर्मिंदगी असली है।)

तो demat account kya hai, ये तो हर website बता देती है: शेयर electronic form में रखने वाला खाता, बस। असली सवाल वो हैं जो कोई नहीं बताता। इसमें से पैसा कब और कितना कटता है। कौन-सा काग़ज़ sign करने से मना कर देना चाहिए। नया nomination नियम, जो अब से दस दिन बाद लागू हो रहा है। और घर की अलमारी में पड़े दादाजी के पुराने share certificate का क्या करें, जिनके लिए इस वक़्त एक खिड़की खुली हुई है और फरवरी 2027 में बंद हो जाएगी।

Pakka Points

  • Demat account आपके share रखता है, ख़रीदता नहीं — ख़रीदने के लिए trading account और पैसे के लिए bank account, तीनों अलग चीज़ें हैं।
  • जुलाई 2026 में देश में 23.44 करोड़ demat account थे, पर अलग-अलग PAN वाले investor 13 करोड़ भी नहीं — यानी एक ही आदमी के कई खाते हैं, और हर खाते की AMC अलग कटती है।
  • BSDA नियम: इकलौता demat account और ₹4 लाख तक की holding हो तो AMC ₹0, ₹4-10 लाख पर सालाना ₹100. SEBI ने DP को कहा है कि eligible account ख़ुद बदल दें।
  • DP charge बेचने पर लगता है, ख़रीदने पर नहीं — और per company flat होता है। ₹2,000 का एक share बेचा तो यही charge 0.77% पड़ जाता है।
  • 1 September 2026 से nominee के नियम बदल रहे हैं: ज़्यादा से ज़्यादा 3 nominee, नए single account में nomination या तो दीजिए या लिखकर मना कीजिए।
  • काग़ज़ वाले पुराने share के लिए SEBI की special window 4 February 2027 को बंद हो जाएगी।

Demat account असल में करता क्या है

एक ग़लतफ़हमी पहले हटा दें। Demat account कोई तिजोरी नहीं है जिसमें आपके share "रखे" हों। वो एक record है, बस।

1996 से पहले आप जब share ख़रीदते थे, कंपनी आपको एक छपा हुआ certificate भेजती थी। उस पर आपका नाम, कितने share, folio number, सब लिखा होता था। बेचना हो तो वो काग़ज़ transfer deed के साथ भेजिए, कंपनी का register बदलेगा, नया certificate छपेगा, महीने-दो महीने लगेंगे। बीच में काग़ज़ खो जाए, चोरी हो जाए, दीमक खा जाए, signature match न करे, तो अलग सिरदर्द।

Dematerialisation ने वो काग़ज़ ख़त्म कर दिया। अब आपके नाम पर कितने share हैं, ये entry एक depository के database में है, और आपका demat account उसी entry की खिड़की है। इसीलिए नाम है demat — dematerialised. जब आप कोई share बेचते हैं, कोई काग़ज़ कहीं नहीं जाता, बस दो record अपडेट होते हैं। यही वजह है कि आज settlement दो दिन में नहीं, अगले ही दिन हो जाता है।

और demat account में सिर्फ share नहीं रहते। Bond, debenture, ETF, government securities, sovereign gold bond, और चाहें तो mutual fund की units भी उसी खाते में demat form में रखी जा सकती हैं। ज़्यादातर लोग mutual fund बिना demat के भी रखते हैं, दोनों तरीक़े चलते हैं।

Demat, trading और bank account — तीन अलग चीज़ें

ये वो जगह है जहाँ नए लोग सबसे ज़्यादा उलझते हैं, और broker की ads जानबूझकर उलझाव बनाए रखती हैं क्योंकि उन्हें "सब कुछ एक जगह" बेचना है। एक बार साफ़ कर लीजिए, फिर पूरी ज़िंदगी clear रहेगा।

काम क्या हैकिसके पास हैइसके बिना क्या नहीं होगा
Bank accountपैसा रखता है और भेजता हैआपका बैंकख़रीदने के लिए पैसा ही नहीं पहुँचेगा
Trading accountExchange पर ख़रीद-बिक्री का order भेजता हैआपका brokerआप order place ही नहीं कर पाएँगे
Demat accountख़रीदे हुए share आपके नाम पर record करता हैNSDL या CDSL, broker के ज़रिएख़रीदे हुए share कहीं जमा नहीं होंगे

इसीलिए broker आपके तीनों को आपस में जोड़ता है। पर तीनों का मालिक और तीनों की ज़िम्मेदारी अलग है — ये बात तब काम आती है जब कुछ ग़लत हो जाए और शिकायत किसे करनी है, ये तय करना पड़े।

एक practical नतीजा: अगर आप सिर्फ IPO में पैसा लगाना चाहते हैं, तो आपको trading account की ज़रूरत नहीं है। Demat account और bank का ASBA काफ़ी है — allotment सीधे demat में आ जाएगा। बेचने के दिन trading account चाहिए होगा। IPO कैसे apply करें वाले guide में पूरा तरीक़ा लिखा है।

NSDL और CDSL — आपका खाता किसमें है, और फ़र्क़ क्या है

देश में सिर्फ़ दो depository हैं। NSDL 1996 में बना, CDSL 1999 में। आपका broker इनमें से किसी एक का Depository Participant है, यानी आपके और depository के बीच का एजेंट। आपका खाता असल में depository में है, broker सिर्फ़ रास्ता है। यही बात सुकून देने वाली है: broker बंद हो जाए तो भी आपके share depository के record में आपके नाम पर ही रहते हैं।

पहचानना आसान है। CDSL वाला demat number 16 अंकों का, पूरा numeric होता है। NSDL वाला IN से शुरू होकर 14 characters आगे चलता है। इससे ज़्यादा किसी को कुछ जानने की ज़रूरत नहीं, क्योंकि आपके नज़रिए से दोनों में कोई असली फ़र्क़ नहीं है। दोनों SEBI के नीचे हैं, दोनों में safety बराबर है।

एक छोटा-सा फ़र्क़ पैसों का ज़रूर है, और वो आप तक अक्सर पहुँचता ही नहीं। हर बार जब आपके demat से share बाहर जाते हैं, depository अपने DP से एक fee लेती है — CDSL लगभग ₹3.50 और NSDL लगभग ₹4.50 प्रति instruction. Broker इसके ऊपर अपना charge जोड़कर आपसे वसूलता है, और ज़्यादातर brokers दोनों depository में एक ही rate दिखाते हैं। तो चुनाव इस आधार पर करने की ज़रूरत नहीं।

23.44 करोड़ demat account, पर investor 13 करोड़ भी नहीं

जुलाई 2026 में देश में कुल 23.44 करोड़ demat account थे। CDSL में 18.83 करोड़, NSDL में 4.62 करोड़। सिर्फ़ उस एक महीने में लगभग 29 लाख नए खाते जुड़े। NSDL ने FY26 में 59 लाख खाते जोड़े, उसका अब तक का सबसे बड़ा साल।

अब वो आँकड़ा जो headline में कभी नहीं आता। NSE के हिसाब से अलग-अलग PAN वाले registered investor 31 मई 2026 तक 13.1 करोड़ थे, और unique trading account (client code) जून 2026 में 26 करोड़ पार कर गए। मतलब साफ़ है: 23 करोड़ demat account 23 करोड़ लोगों के नहीं हैं। औसतन हर investor के पास एक से ज़्यादा खाता है।

ये कोई अपराध नहीं है, मेरे पास भी दो हैं। पर इसका सीधा असर जेब पर है। हर खाते की AMC अलग कटती है, चाहे उसमें एक भी share न हो, और BSDA का ₹0 वाला फ़ायदा तभी मिलता है जब पूरे बाज़ार में आपका इकलौता खाता हो। दूसरा खाता खोलने से पहले ये हिसाब कर लीजिए कि साल में ₹354 का फ़ायदा उससे मिलेगा या नहीं।

Demat account charges — असली हिसाब, तीन जगह

Broker की ad में "free demat account" लिखा होता है और वो झूठ भी नहीं है। खाता खोलना सचमुच मुफ़्त हो चुका है। पैसा उसके बाद कटता है, तीन जगह।

Chargeकब लगता हैकितना (Aug 2026)
Account openingएक बार, खाता खोलते समयज़्यादातर discount broker के यहाँ ₹0. NRI account पर ₹500 तक।
AMCहर साल, अक्सर quarterly काटकर₹0 से ₹450 + GST. Regular account में आम तौर पर ₹300 + 18% GST = ₹354 सालाना।
DP chargeहर बार share बेचने पर, per company₹13 से ₹20 के बीच। Zerodha पर ₹15.34 (₹3.50 CDSL + ₹9.50 broker + ₹2.34 GST)।
Pledge / unpledgeShare गिरवी रखकर margin लेने पर₹30 + GST प्रति ISIN प्रति request के आसपास।
Physical statementकाग़ज़ पर account statement माँगने पर₹25 प्रति statement. Email वाला statement मुफ़्त है।

ये आँकड़े 22 अगस्त 2026 को broker की अपनी charges page से लिए गए हैं और बदलते रहते हैं। अपने broker की charge list ख़ुद एक बार पढ़ना सबसे भरोसेमंद तरीक़ा है।

अब वो बात जो लगभग किसी Hindi page पर नहीं मिलती। DP charge सिर्फ़ बेचने पर लगता है, ख़रीदने पर नहीं। और वो value के हिसाब से नहीं, per company flat लगता है। यानी एक ही कंपनी के 1 share बेचो या 1,000, charge वही ₹15.34.

इसका असर छोटे sauda में डरावना है। देखिए:

आपने बेचाDP chargeबिक्री का कितना प्रतिशत
एक कंपनी के ₹2,000 के share₹15.340.77%
एक कंपनी के ₹10,000 के share₹15.340.15%
एक कंपनी के ₹50,000 के share₹15.340.03%
पाँच अलग कंपनियों के, कुल ₹10,000 के share₹76.700.77%

आख़िरी लाइन सबसे ज़रूरी है: एक ही दिन पाँच अलग कंपनियों के share बेचने पर charge पाँच बार लगता है, चाहे कुल रक़म छोटी ही क्यों न हो। ये charge brokerage के अलावा है, उसमें शामिल नहीं।

इसीलिए हर हफ़्ते थोड़े-थोड़े share बेचने की आदत portfolio को अंदर से खा जाती है। और यही एक कारण है कि शुरुआत करने वाले के लिए index fund या SIP का रास्ता सस्ता पड़ता है — वहाँ per-transaction ऐसा flat charge नहीं लगता।

BSDA — वो खाता जिसकी AMC ₹0 है, और जिसके बारे में broker नहीं बताता

ये article का सबसे काम का हिस्सा है, तो थोड़ा धीरे पढ़िए।

SEBI ने छोटे investors के लिए एक अलग श्रेणी बनाई है: Basic Services Demat Account, यानी BSDA. 28 जून 2024 के circular से इसकी शर्तें बदली गईं और 1 सितंबर 2024 से नए नियम लागू हैं। BSDA कोई अलग तरह का खाता नहीं है — वही आपका demat account है, बस AMC वाली slab अलग लग जाती है।

आपकी holding की valueसालाना AMC
₹4 लाख तक₹0
₹4 लाख से ऊपर, ₹10 लाख तक₹100
₹10 लाख से ऊपरBSDA ख़त्म, खाता अपने आप regular बन जाता है

Value में debt और non-debt दोनों तरह की securities गिनी जाती हैं। दिसंबर 2025 में SEBI ने इसमें एक रियायत दी — ZCZP bonds और delisted securities की value इस हिसाब में नहीं जोड़ी जाएगी।

Eligible होने की तीन शर्तें हैं, और तीनों साथ में पूरी होनी चाहिए:

Pakka Points

  • पूरे बाज़ार में यही आपका इकलौता demat account हो जिसमें आप sole holder या first holder हैं। दूसरे खाते में आप second holder हों, तो चलेगा।
  • आपके नाम पर एक से ज़्यादा BSDA न हो।
  • उस खाते में रखी securities की कुल value ₹10 लाख से ऊपर न जाए।

अब वो लाइन जिसकी वजह से मेरे ₹1,416 गए थे। SEBI ने DP को साफ़ कहा है कि जो मौजूदा खाते eligible हैं, उन्हें दो महीने के अंदर ख़ुद BSDA में बदल दें, जब तक कि खाताधारक email लिखकर regular account रखने की इच्छा न जताए। यानी ये आपकी नहीं, DP की ज़िम्मेदारी है।

फिर भी हर महीने मुझे ऐसे messages आते हैं जिनमें ₹80,000 की holding पर ₹354 AMC कट रही है। शिकायत करने के लिए साल भर इंतज़ार मत कीजिए। अपने broker के support पर एक लाइन लिखिए: मेरा holding value ₹4 लाख से कम है और यही मेरा इकलौता demat account है, कृपया BSDA में convert कीजिए। मेरे case में जवाब चार दिन में आया और उसके बाद AMC शून्य है।

एक और छोटी बात जो पैसे बचाती है: BSDA में electronic statement मुफ़्त है, काग़ज़ वाला statement ₹25 प्रति statement. Email statement चालू रखिए, काग़ज़ वाला बंद।

DDPI और POA — वो काग़ज़ जो सोच-समझकर sign करना है

जब आप share बेचते हैं, वो share आपके demat से निकलकर exchange तक पहुँचने चाहिए। इसकी इजाज़त कोई तो देगा। पहले ये इजाज़त Power of Attorney से ली जाती थी, और वो POA अक्सर broker को ज़रूरत से कहीं ज़्यादा अधिकार दे देता था। कई पुराने scam की जड़ यही थी।

SEBI ने अक्टूबर 2022 में इसे बदलकर DDPI कर दिया — Demat Debit and Pledge Instruction. ये सिर्फ़ चार कामों की इजाज़त देता है, इससे आगे कुछ नहीं:

Pakka Points

  • Exchange पर किए गए sauda का settlement करने के लिए share transfer करना।
  • Margin के लिए share pledge या re-pledge करना।
  • Exchange platform पर mutual fund की transaction करना।
  • Open offer में share tender करना।

DDPI ज़रूरी नहीं है। कोई भी broker आपसे इसे ज़बरदस्ती नहीं करा सकता। बिना DDPI के भी आप बेच सकते हैं — CDSL का TPIN या NSDL का e-DIS इस्तेमाल होता है, जहाँ हर बिक्री पर आपके पास OTP आता है और आप उसे मंज़ूरी देते हैं। थोड़ा झंझट है, पर हर debit आपकी आँखों के सामने से गुज़रता है।

मेरी राय, और ये सिर्फ़ राय है: लंबे समय के लिए रखने वाले निवेशक के लिए TPIN वाला रास्ता ठीक है, क्योंकि साल में दो-चार बार ही बेचना होता है। रोज़ trade करने वालों के लिए DDPI समझ आता है। पर अगर कोई आपसे पुराने वाला खुला POA sign करवाने की कोशिश करे, वहीं रुक जाइए। और अगर कोई फ़ोन पर "account activate" करने के नाम पर OTP माँगे, तो वो scam है, broker नहीं।

Nominee: 1 September 2026 से नियम बदल रहे हैं

ये हिस्सा आज सबसे ताज़ा है, क्योंकि नियम अभी दस दिन बाद लागू होगा। SEBI का 29 मई 2026 का circular demat account और mutual fund folio, दोनों के nomination नियम नए सिरे से लिखता है, और 1 सितंबर 2026 से लागू होता है।

बात1 September 2026 से
कितने nomineeज़्यादा से ज़्यादा 3
ज़रूरी जानकारीनाम, रिश्ता, और nominee नाबालिग़ हो तो जन्म तिथि
वैकल्पिक जानकारीMobile, email, हिस्से का प्रतिशत, KYC पहचान, guardian का ब्योरा
नया single-holder खाताया तो nomination दीजिए, या तय फ़ॉर्म पर लिखकर opt-out कीजिए — दोनों में से एक किए बिना खाता नहीं खुलेगा
Joint खाताNomination वैकल्पिक है, पर बदलाव में सभी holders की सहमति चाहिए
Witnessअपने हाथ से signature किया है तो gawah की ज़रूरत नहीं। सिर्फ़ अँगूठे के निशान पर witness चाहिए
खाताधारक की मृत्यु परकई nominee हों तो वो उसी खाते में अपने-अपने हिस्से के साथ रह सकते हैं, या अलग खाते खोल सकते हैं

Witness वाली शर्त हटना छोटी बात लगती है, पर व्यवहार में यही सबसे बड़ी रुकावट थी — पुराने नियम में form पर दो गवाह चाहिए होते थे, और अकेले रहने वाले बुज़ुर्गों के लिए वो काम ही रुक जाता था।

और अब वो अफ़वाह जो अब तक WhatsApp पर घूम रही है। 2023 में ख़बरें चली थीं कि nominee न भरने पर demat account freeze हो जाएगा। जून 2024 में SEBI ने वो प्रावधान वापस ले लिया: पुराने investors का खाता या folio nomination न देने की वजह से freeze नहीं होगा, और corporate benefits भी नहीं रुकेंगे। इसलिए किसी भी ऐसे message से डरिए मत जो deadline बताकर किसी link पर nomination भरवाना चाहता हो। वो phishing की सबसे आम शक्ल है।

डर की वजह से नहीं, समझदारी की वजह से nominee भर दीजिए। बिना nominee के खाता उत्तराधिकारियों तक पहुँचाने में succession certificate तक की नौबत आ सकती है, और उसमें महीने लगते हैं।

अलमारी में पड़े पुराने share certificate — window फरवरी 2027 में बंद है

SEBI ने 27 मार्च 2019 के circular से तय कर दिया था कि 1 अप्रैल 2019 से share का transfer सिर्फ़ demat form में होगा। सिर्फ़ transmission (मृत्यु के बाद उत्तराधिकारी को) और transposition (नामों का क्रम बदलना) इससे बाहर रखे गए।

नतीजा ये हुआ कि हज़ारों लोगों के transfer उसी वक़्त बीच में अटक गए। किसी का काग़ज़ deficiency की वजह से लौट आया, किसी का RTA तक पहुँचा ही नहीं। उन्हीं के लिए SEBI ने 30 जनवरी 2026 के circular से एक special window खोली, जो 5 फरवरी 2026 से 4 फरवरी 2027 तक खुली है।

Pakka Points

  • किसके लिए: वो physical securities जिनकी ख़रीद या बिक्री 1 अप्रैल 2019 से पहले हुई थी और transfer अटका रह गया।
  • वो requests भी शामिल हैं जो पहले भेजी गई थीं और document की कमी या किसी और वजह से लौटा दी गईं।
  • जो securities पहले ही IEPF में चली गई हैं, वो इस window में नहीं आतीं — उनका रास्ता अलग है।
  • Transfer होने के बाद securities सिर्फ़ demat form में ही मिलेंगी, इसलिए पहले से एक demat account चाहिए।

साथ में एक और राहत। दिसंबर 2025 में SEBI ने खोए हुए या ख़राब हो चुके certificate का duplicate लेने की प्रक्रिया आसान की। सरल दस्तावेज़ों वाली सीमा ₹5 लाख से बढ़ाकर ₹10 लाख कर दी गई: ₹10,000 तक की value पर सादे काग़ज़ पर undertaking काफ़ी है, ₹10,000 से ₹10 लाख तक stamp paper पर affidavit-cum-indemnity bond, और उससे ऊपर standard format के साथ कंपनी का अख़बार में विज्ञापन। Duplicate भी अब सिर्फ़ demat form में जारी होते हैं।

एक आख़िरी चेतावनी इस हिस्से पर। अगर किसी share का dividend लगातार सात साल तक unclaimed रहा, तो dividend के साथ-साथ वो share भी IEPF में चला जाता है। ये पुराने काग़ज़ों के साथ बहुत होता है, क्योंकि कंपनी का dividend warrant पुराने पते पर जाकर लौटता रहा। घर में पुराने certificate हैं तो कंपनी के RTA से पहले ये पूछिए कि वो अभी भी आपके नाम पर हैं या IEPF में जा चुके हैं। Dividend कैसे काम करता है, ये समझ लेने से ये पूरी बात ज़्यादा साफ़ हो जाती है।

खाता खोलने के लिए क्या-क्या चाहिए

List छोटी है और सालों से लगभग वही है:

Pakka Points

  • PAN card — यही असली पहचान है, इसके बिना demat account खुलता ही नहीं।
  • Aadhaar, जो आपके mobile number से linked हो (e-sign के लिए OTP उसी पर आएगा)।
  • Bank proof — cancelled cheque, या account number और IFSC दिखाती हुई passbook/statement की photo।
  • आपका signature सादे सफ़ेद काग़ज़ पर, और एक live selfie या छोटा video (in-person verification)।
  • Income proof सिर्फ़ तब चाहिए जब आप F&O चालू कराना चाहें — बाक़ी सामान्य निवेश के लिए ज़रूरी नहीं।

नाबालिग़ के नाम पर demat account खुल सकता है, पर guardian चलाता है और उसमें intraday या F&O नहीं होता। NRI के लिए NRE या NRO के साथ अलग demat चाहिए। बाक़ी सबके लिए यही पाँच चीज़ें काफ़ी हैं।

हम यहाँ किसी एक broker की signup screen की step-by-step गाइड नहीं दे रहे, और इसकी एक साफ़ वजह है। हमारा नियम है कि process वाले article में असली screenshot ही लगेंगे, बनाई हुई तस्वीरें कभी नहीं। जिस दिन हम वो असली captures ले पाएँगे, उस दिन वो गाइड आएगी। तब तक ऊपर की list ही सबसे ईमानदार जवाब है।

Statement पढ़ना सीख लीजिए, साल में दो बार काफ़ी है

NSDL और CDSL दोनों आपको Consolidated Account Statement भेजते हैं, आम तौर पर email पर। उसमें आपकी सारी holding, उनकी ISIN, और उस अवधि में हुई हर entry होती है। साल में दो बार पंद्रह मिनट देकर तीन चीज़ें check कीजिए:

Pakka Points

  • कोई ऐसा debit तो नहीं जो आपने नहीं किया — यही fraud पकड़ने का सबसे तेज़ तरीक़ा है।
  • AMC कितनी कट रही है, और क्या आप BSDA के हक़दार हैं।
  • Nominee की जानकारी वहीं दिख जाती है — भरी हुई है या ख़ाली, एक नज़र में पता चल जाएगा।

बेचते वक़्त एक बात और याद रखिए: DP charge और brokerage के अलावा फ़ायदे पर tax भी लगता है। कितना और कब, ये LTCG और STCG वाले guide में पूरा हिसाब के साथ लिखा है।

खाता खुल गया, अब आगे क्या

खाता खुलवाकर पहले ही हफ़्ते में कोई tip वाला share ख़रीद लेना, ये सबसे आम और सबसे महँगी शुरुआत है। मैंने यही किया था 2021 में, और ₹18,000 उसी में गए।

बेहतर क्रम ये है: पहले बाज़ार काम कैसे करता है ये समझिए, फिर सीखने का एक तय रास्ता पकड़िए, और पहला असली पैसा किसी एक stock में नहीं, एक SIP में डालिए। Direct और regular plan का फ़र्क़ भी शुरू में ही समझ लीजिए, क्योंकि वो एक फ़ैसला बीस साल में लाखों का फ़र्क़ बनाता है। Option और F&O की तरफ़ जाने का मन हो, तो पहले वहाँ का असली गणित देख लीजिए। जल्दी किसी बात की नहीं है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Demat account aur trading account me kya fark hai?

Demat account आपके share रखता है, trading account उन्हें ख़रीदने-बेचने का order भेजता है। सिर्फ demat account से आप एक भी share नहीं ख़रीद सकते, और सिर्फ trading account से ख़रीदे हुए share कहीं जमा नहीं होंगे। इसीलिए broker दोनों एक साथ खोलता है, और पैसा तीसरी जगह से आता है — आपके bank account से। तीनों का काम अलग है, ये article में table बनाकर समझाया है।

Demat account kya hai simple bhasha me?

एक electronic record जिसमें लिखा रहता है कि कौन-सा share, bond या mutual fund unit कितनी संख्या में आपके नाम पर है। पहले यही बात काग़ज़ के certificate पर छपी होती थी। अब वो काग़ज़ नहीं छपता, entry NSDL या CDSL के record में होती है और आपका broker उसे आपको दिखाता है। यही demat account meaning है।

Demat account ka charge kitna lagta hai?

तीन जगह पैसा कटता है: account खोलने पर (ज़्यादातर discount broker के यहाँ अब ₹0), साल भर की AMC (₹0 से ₹450 तक, broker पर निर्भर), और DP charge जो हर बार share बेचने पर लगता है (₹15 के आसपास, per company, चाहे 1 share बेचो या 1,000)। अगर आपका portfolio ₹4 लाख से कम है और यही आपका इकलौता demat account है, तो BSDA नियम के तहत AMC ₹0 होनी चाहिए।

BSDA account kya hai aur eligible kaise bane?

BSDA यानी Basic Services Demat Account. शर्त तीन हैं: पूरे बाज़ार में यही आपका इकलौता demat account हो जिसमें आप sole या first holder हैं, आपके पास एक ही BSDA हो, और holding की value ₹10 लाख से ऊपर न जाए। ₹4 लाख तक AMC शून्य, ₹4 लाख से ₹10 लाख के बीच सालाना ₹100. SEBI ने DP को कहा है कि eligible account ख़ुद BSDA में बदल दें, पर practice में लोग regular account में बैठे AMC भरते रहते हैं — इसलिए एक बार पूछ लेना ज़रूरी है।

Mera demat account NSDL me hai ya CDSL me, kaise pata kare?

अपना demat number देखिए। CDSL वाला 16 अंकों का होता है और पूरा numeric रहता है। NSDL वाला IN से शुरू होता है और उसके बाद 14 characters आते हैं। इससे ज़्यादा फ़र्क़ आपके लिए है नहीं — दोनों SEBI के under हैं, दोनों में आपके share उतने ही सुरक्षित हैं, और आप एक से दूसरे में holding transfer भी कर सकते हैं।

Ek se zyada demat account rakh sakte hain kya?

हाँ, एक ही PAN पर अलग-अलग broker के पास कई demat account रखे जा सकते हैं। दो बातें याद रखिए: एक ही DP के पास एक ही holding pattern में दूसरा account नहीं खुलता, और BSDA का फ़ायदा तभी मिलता है जब पूरे बाज़ार में वही आपका इकलौता account हो। कई खाते रखने का सबसे आम नुक़सान यही है — हर खाते की अलग AMC कटती रहती है, अक्सर उस खाते की भी जिसमें कुछ रखा ही नहीं है।

Demat account band kaise kare, charge lagta hai kya?

पहले उस खाते की सारी holding बेच दीजिए या दूसरे demat में transfer करा लीजिए, फिर DP का closure form भरिए। SEBI के नियम के मुताबिक़ अगर आपने AMC पहले ही पूरे साल की upfront दे रखी है, तो बचे हुए quarters का पैसा DP को वापस करना होता है — पहली तिमाही में बंद किया तो तीन-चौथाई AMC वापस। ये refund अपने आप नहीं आता, माँगना पड़ता है।

Nominee nahi bhara to demat account freeze ho jayega kya?

नहीं। ये पुरानी बात है जो अब भी WhatsApp पर घूमती है। SEBI ने June 2024 में साफ़ कर दिया कि पुराने investors का demat account या mutual fund folio nomination न देने की वजह से freeze नहीं होगा। हाँ, नया single-holder account खोलते समय या तो nominee देना होगा या लिखकर opt-out करना होगा। और 1 September 2026 से nomination के नियम बदल रहे हैं, जो नीचे विस्तार से लिखे हैं।

Purane kagaz wale share certificate ka kya kare?

1 अप्रैल 2019 के बाद से share का transfer सिर्फ demat form में ही होता है, इसलिए काग़ज़ वाला certificate बेचा नहीं जा सकता — पहले उसे demat कराना होगा। जिनका transfer उस तारीख़ से पहले अटक गया था, उनके लिए SEBI ने 5 February 2026 से 4 February 2027 तक एक special window खोली है। और अगर उस share का dividend लगातार सात साल unclaimed रहा है, तो share IEPF में चला गया होगा और वहाँ से अलग claim process से वापस आता है।

आज ही एक काम कीजिए: अपने demat statement में AMC वाली लाइन ढूँढ़िए। अगर holding ₹4 लाख से कम है और यही आपका इकलौता खाता है, तो broker को एक message भेज दीजिए। मेरे ₹1,416 तो वापस नहीं आए, आपके बच सकते हैं।

Pakke Sources — हमने कहाँ से verify किया

  1. SEBI — BSDA circular (28 June 2024)SEBI/HO/MIRSD/MIRSD-PoD1/P/CIR/2024/91; 1 September 2024 se lagu — ₹4 lakh tak AMC nil, ₹4-10 lakh par ₹100, DP ko eligible account do mahine me convert karna hai
  2. SEBI — Nomination norms circular (29 May 2026)SEBI/HO/OIAE/OIAE_IAD-3/P/CIR/2026/12676; 1 September 2026 se maximum 3 nominee, naye single account me nomination ya opt-out zaroori
  3. SEBI — Special window for physical securities (30 January 2026)Circular HO/38/13/11(2)2026-MIRSD-POD/I/3750/2026; window 5 February 2026 se 4 February 2027 tak
  4. CDSL — investor services aur BSDA FAQDemat account number 16 ank; July 2026 me 18.83 crore accounts
  5. NSDL — depository services aur chargesDemat account number IN se shuru; July 2026 me 4.62 crore accounts
  6. NSE — investor base statistics13.1 crore unique registered investors (31 May 2026); 26 crore unique client codes (June 2026)
Zaroori baat: Ye jaankari sirf education ke liye hai — nivesh ki salah nahi. PaisaPakka koi tips nahi deta. Mutual fund aur share market nivesh bazaar-jokhim ke adheen hai. Nivesh se pehle khud research karein ya SEBI-registered advisor se milein.
Rohan Deshmukh avatar
Nivesh Desk

2019 me pehli SIP ₹500 ki — ghar me pehla insaan jo share market tak pahuncha. Tab se har fund, har app khud test karke likhta hai. Articles me jo screenshots dikhte hain, wo Rohan ke apne account ke hain.

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